बिल्सी। तहसील क्षेत्र के ग्राम सतेती की पट्टी सुकाल में प्रस्तावित श्मशान भूमि निर्माण को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्राम पंचायत द्वारा श्मशान भूमि के लिए जिस स्थल का चयन किया गया है, वह क्षेत्र के प्राचीन मंदिर और समाधि स्थल के निकट है, जिससे ग्रामीणों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।
इस निर्णय के विरोध में ग्रामीणों ने न सिर्फ स्थानीय प्रशासन, बल्कि मुख्यमंत्री कार्यालय तक सामूहिक शिकायत पत्र भेजकर स्थान परिवर्तन की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान भूमि यदि प्रस्तावित स्थल पर बनती है, तो इससे न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचेगी, बल्कि भविष्य में सामाजिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि उक्त स्थल पर बाबा भगवान दास जी की समाधि, एक प्राचीन मंदिर, और गांव की धार्मिक व सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र स्थित है। यहां नियमित रूप से पूजा-पाठ, कीर्तन, भंडारे और धार्मिक आयोजन होते हैं। ऐसे पवित्र स्थान के निकट श्मशान निर्माण से पूरे गांव की आस्था को गहरी चोट पहुंचेगी।
प्रस्तावित स्थल पर निर्माण न कराकर किसी शांत, परंपरागत और विवाद रहित भूमि पर श्मशान बनाने की मांग की गई है, ताकि गांव में सद्भाव बना रहे और धार्मिक स्थलों की गरिमा बनी रहे।
इस विरोध में गांव के सैकड़ों लोग सम्मिलित हैं। शिकायत करने वालों में प्रमुख रूप से ग्राम प्रधान सतेती इच्छा, कमला शर्मा, उमेश शर्मा, अंकित कुमार, सचिन कुमार, देवेंद्र पाल सिंह, राहुल कुमार, संजय सिंह, भूरे सिंह, राजेश पाल, रणवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हैं।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार न किया गया तो वे शांतिपूर्ण आंदोलन को बाध्य होंगे।


























