

बदायूं। कासगंज से बदायूं, उझानी, बरेली, पीलीभीत, पूरनपुर, मैलानी, लखीमपुर और सीतापुर होते हुए लखनऊ तक प्रस्तावित नई रेल सेवा को लेकर जारी दो अलग-अलग पत्र इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं। दोनों पत्रों में एक ही पत्रांक No. 2026/Chg/16/NER/06 अंकित है, जबकि एक पत्र केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद और दूसरा पत्र केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा को संबोधित बताया जा रहा है। इसी कारण विपक्षी दलों से जुड़े लोग सोशल मीडिया पर इन पत्रों को लेकर सवाल उठा रहे हैं और मजाक भी उड़ा रहे हैं।
पत्रों के अनुसार रेल मंत्रालय की ओर से नई रेलगाड़ी संख्या 15312/15311 कासगंज-ऐशबाग (लखनऊ) एक्सप्रेस के संचालन को स्वीकृति प्रदान किए जाने की बात कही गई है। यह ट्रेन कासगंज से चलकर उझानी, बदायूं, बरेली, पीलीभीत, पूरनपुर, मैलानी, लखीमपुर और सीतापुर होते हुए लखनऊ पहुंचेगी। इस सेवा के शुरू होने से बदायूं और उझानी क्षेत्र के यात्रियों को राजधानी तक सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
बताया जाता है कि छोटी लाइन के दौर में बदायूं से लखनऊ के लिए सीधी रेल सेवा उपलब्ध थी, लेकिन ब्रॉड गेज में परिवर्तन के बाद यह सुविधा बंद हो गई थी। अब इस रूट पर नई ट्रेन के संचालन की स्वीकृति की सूचना से क्षेत्रवासियों में खुशी देखी जा रही है। खासतौर पर उझानी, बदायूं और आसपास के यात्रियों को बरेली, पीलीभीत और लखनऊ की यात्रा में सुविधा मिलेगी।
केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता के साथ प्रेस वार्ता कर नई ट्रेन सेवा की जानकारी दी। उन्होंने रेल मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि बदायूं क्षेत्र की रेल सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनका प्रयास है कि लखनऊ के लिए एक अन्य ट्रेन सेवा बरेली, शाहजहांपुर और हरदोई होते हुए भी शुरू कराई जाए, जिससे यात्रियों को एक और विकल्प मिल सके।
हालांकि, एक ही पत्रांक वाले दो पत्र अलग-अलग केंद्रीय मंत्रियों को संबोधित होने से राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्षी लोग इसे लेकर सोशल मीडिया पर सवाल खड़े कर रहे हैं, जबकि भाजपा नेताओं का कहना है कि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बात नई रेल सेवा का संचालन है, जिससे जनता को सीधा लाभ मिलेगा।


























