चढ़ावे की कथित अनियमितताओं पर कौन जिम्मेदार?’ धर्मेंद्र यादव ने केंद्र सरकार से पूछा सवाल
नई दिल्ली। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े चढ़ावे में कथित अनियमितताओं का मुद्दा अब संसद तक पहुंच गया है। समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने बुधवार को लोकसभा में नियम-377 के तहत यह मामला उठाते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा कि यदि मीडिया में सामने आई कथित अनियमितताओं में सच्चाई है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।
लोकसभा सचिवालय में 5 अगस्त 2026 को प्रस्तुत अपने नोटिस में सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि वर्ष 2019 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हुआ था। इसके बाद केंद्र सरकार ने राजपत्र (गजट) अधिसूचना के माध्यम से ट्रस्ट का गठन किया, जिसे मंदिर निर्माण, प्रबंधन, भूमि खरीद और दान-दक्षिणा सहित विभिन्न कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई।
अपने नोटिस में सांसद ने कहा कि हाल के दिनों में मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से मंदिर में हजारों करोड़ रुपये के चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं और चोरी के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि यदि ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार द्वारा किया गया है और उसमें केंद्र तथा राज्य सरकार के प्रतिनिधि भी शामिल हैं, तो इस पूरे मामले की जवाबदेही किसकी बनती है।
धर्मेंद्र यादव ने सरकार से यह भी जानना चाहा कि क्या इन कथित घटनाओं से देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था प्रभावित हुई है। उन्होंने मांग की कि यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है तो दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और यह भी बताया जाए कि उन्हें कब तक सजा दिलाई जाएगी।
सांसद द्वारा नियम-377 के तहत यह मुद्दा उठाए जाने के बाद इस विषय पर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष इस मामले में विस्तृत जांच और जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है, जबकि सरकार की ओर से इस संबंध में आधिकारिक जवाब का इंतजार किया जा रहा है।


























