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बदायूं में UFBU के आह्वान पर पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग पर बैंक कर्मियों की हड़ताल बैंक के बाहर प्रदर्शन, लगातार चौथे दिन ठप रहीं बैंकिंग सेवाएं,

बदायूं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू किए जाने की मांग को लेकर मंगलवार 27 जनवरी 2026 को देशभर के सरकारी बैंकों में एक दिवसीय हड़ताल रही। बदायूं में भी इस हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। जिले के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) लीड बैंक कार्यालय सहित भारतीय स्टेट बैंक (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (CBI), यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (UBI) समेत सभी सरकारी बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर रहे, जिससे बैंकिंग कार्य पूरी तरह ठप रहा।

PNB लीड बैंक कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन

हड़ताल के दौरान बैंक कर्मियों ने PNB लीड बैंक कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी वर्षों पुरानी मांग को दोहराया। बैंक यूनियनों का कहना है कि जब RBI, LIC, NIC और अन्य केंद्रीय संस्थानों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह पहले से लागू है, तो बैंकों में इसे लागू करने में अनावश्यक देरी क्यों की जा रही है।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बैंक कर्मी सोमवार से शुक्रवार तक अधिक कार्यभार उठाने को तैयार हैं, लेकिन शनिवार को अवकाश की व्यवस्था अब तत्काल लागू की जानी चाहिए।

कर्मचारियों ने उठाए सरकार से सवाल

बैंक यूनियन नेताओं ने बताया कि 23 जनवरी 2026 को सरकार के साथ हुई सुलह बैठक विफल रहने के बाद मजबूरी में हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। कर्मचारियों का कहना है कि मार्च 2024 में हुए समझौते में सभी शनिवारों को अवकाश देने पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक इसे धरातल पर लागू नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है।

अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (AIBEA) के अनुसार, यह हड़ताल सरकार का ध्यान कर्मचारियों की जायज मांगों की ओर आकर्षित करने के लिए की गई है।

लगातार चौथे दिन ठप रहीं बैंकिंग सेवाएं

शनिवार, रविवार और 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) की छुट्टी के बाद मंगलवार को हुई इस हड़ताल के चलते लगातार चौथे दिन बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं। बैंकों के बंद रहने से आम ग्राहकों, व्यापारियों, पेंशनधारकों और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। नकद लेन-देन, चेक क्लीयरेंस, पासबुक एंट्री सहित अधिकांश सेवाएं प्रभावित रहीं।

धरने में बड़ी संख्या में बैंककर्मी शामिल

धरना-प्रदर्शन में श्री लल्ला बाबू, श्री अभिनव मिश्रा (SBI), औतपाल सिंह चौहान, अमृताश शिवकुमार, संजय मलिक, मंजर फरशोरी, सुरजीत सिंह, सतेंद्र कुमार, दीपक कुमार, दृष्टिओम नेता विशाल बाबू, पुष्पेंद्र, संजू, राकेश वर्मा, उदयवीर, प्रमोद कुमार, मुकेश आर., अंकित वर्मा, क्षितिज गंगवार, सुनील कुमार, इंद्रपाल, अमित त्रिपाठी, विजेंद्र पाल सिंह, शिवम माहेश्वरी, अंशुल अग्रवाल, रोहित उझानी, जितेंद्र, तरुण यादव, सत्येंद्र सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

आंदोलन और तेज होने के संकेत

बैंक यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह को लेकर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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