बदायूं। ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति, बदायूं ने पंचायत सचिवों की विभिन्न व्यावहारिक समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। समिति ने प्रतिदिन सुबह 10 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पंचायत भवन पर उपस्थिति लेने की व्यवस्था पर पुनर्विचार करने और स्पष्ट शासनादेश आने तक सचिवों को इस दैनिक वीसी से मुक्त रखने की मांग की है।

समिति की बैठक 21 जून को पंचायत भवन नवादा में आयोजित की गई, जिसमें ग्राम पंचायत सचिवों ने अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में आ रही कठिनाइयों पर चर्चा की। बैठक में कहा गया कि वर्तमान में जिला पंचायत राज अधिकारी एवं जिला विकास अधिकारी की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिदिन सुबह 10 बजे ग्राम सचिवों की उपस्थिति ली जा रही है, लेकिन पंचायत स्तर पर कार्यों की बहुआयामी प्रकृति के कारण यह व्यवस्था व्यवहारिक कठिनाइयां पैदा कर रही है।

ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम पंचायत सचिवों को पंचायतों के वित्तीय कार्यों के लिए बैंक जाकर बैंक रिकंसिलिएशन हेतु स्टेटमेंट लेना पड़ता है। इसके अलावा जीएसटी और आयकर टीडीएस के चालान जमा करने, भूमि संबंधी विवादों के निस्तारण के लिए तहसील जाने तथा अन्य विभागीय कार्यों के लिए भी समय-समय पर पंचायत भवन से बाहर रहना पड़ता है। ऐसे में प्रतिदिन ठीक सुबह 10 बजे पंचायत भवन पर उपस्थित रहना हर परिस्थिति में संभव नहीं हो पाता।

समिति ने मांग की कि यदि ग्राम पंचायत सचिवों की दैनिक उपस्थिति पंचायत भवन पर सुनिश्चित की जा रही है तो ग्राम स्तर पर कार्यरत अन्य विभागों के कर्मचारियों की भी उपस्थिति वहां सुनिश्चित की जाए। इनमें लेखपाल, बीट प्रभारी, एएनएम, नलकूप चालक, पशुधन प्रसार अधिकारी, किसान सहायक आदि शामिल हैं। इससे ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान गांव स्तर पर ही अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।

ज्ञापन में पंचायती राज उत्तर प्रदेश की अध्यक्षता में 15 दिसंबर 2025 को आयोजित बैठक के निर्णय का भी उल्लेख किया गया है। समिति के अनुसार, उस बैठक में उचित संसाधन उपलब्ध होने और शासन से स्पष्ट निर्देश प्राप्त होने तक सचिवों की ऑनलाइन अटेंडेंस को स्थगित रखने का निर्णय लिया गया था।

समन्वय समिति ने जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी से मांग की कि ग्राम विकास अधिकारी एवं ग्राम पंचायत अधिकारी संवर्ग की समस्याओं के निस्तारण के लिए विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता में शीघ्र बैठक आयोजित कराई जाए। समिति का कहना है कि ग्राम सचिवों ने शासन की योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने, लक्ष्यों को पूरा करने और ग्रामीण विकास कार्यों में बिना मौसम व अवकाश की चिंता किए निरंतर योगदान दिया है।

समिति ने शासन से स्पष्ट निर्देश प्राप्त होने तक ग्राम सचिवों को प्रतिदिन सुबह 10 बजे पंचायत भवन पर आयोजित होने वाली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग उपस्थिति व्यवस्था से मुक्त रखने की मांग की है।

ज्ञापन देने वालों में ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के जिलामंत्री अवधेश कुमार, ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिलामंत्री अजयपाल सिंह, ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष विशाल पटेल, रमेश चंद्र पाल, उपाध्यक्ष अमोल पाराशर, महिला उपाध्यक्ष रीना पाठक, मंत्री अंकुर पाराशरी, मंत्री नदीम हुसैन, संरक्षक नवीन शर्मा एवं संरक्षक राजेंद्र यादव सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।

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