बदायूं। धर्मांतरण के संवेदनशील मामले पर स्वदेश केसरी द्वारा लगातार आवाज उठाने और इसे प्रदेश के मुख्यमंत्री, डीजीपी से लेकर प्रधानमंत्री तक पहुंचाने के बाद पुलिस आखिरकार हरकत में आ गई। जिस मामले में अब तक हीला-हवाली की जा रही थी, उसमें अब पास्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो महिलाएं फरार हैं।






इस्लामनगर थाना क्षेत्र के कुंदावली गांव में बीते छह वर्षों से हिंदू समुदाय के लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रलोभन दिए जा रहे थे। पैसों के लालच और परेशानियां दूर करने के नाम पर प्रार्थनाओं का आयोजन होता था। रविवार को इस अवैध गतिविधि का खुलासा होने पर पुलिस ने कस्टडी में लेकर जांच शुरू की।
स्वदेश केसरी न्यूज़ ने प्रमुखता से उठाया
स्वदेश केसरी ने इस मामले को कल के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित कर पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए थे। आरोप लगा कि यह सब पुलिस की शह पर चल रहा था। मामला तूल पकड़ने पर सोमवार रात कासगंज निवासी पास्टर हृदेश उर्फ विक्की, उसकी पत्नी नीतू और कुंदावली गांव की अंजू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई।
एसएचओ नरेश कुमार सिंह के अनुसार, “पास्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। फरार महिलाओं की तलाश की जा रही है।” मामले में पुलिस की लापरवाही और लंबी चुप्पी पर अब सवाल उठने लगे हैं।

























