






बदायूं। कलेक्ट्रेट स्थित अटल बिहारी वाजपेई सभागार में आज सोमवार को उद्योग बंधु, व्यापार बंधु और श्रम बंधु की बैठक अपर जिलाधिकारी (जे) कल्पना जायसवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक का उद्देश्य व्यापारियों की समस्याओं को सुनकर समाधान निकालना था, लेकिन जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त अशोक कुमार उपाध्याय के रवैये से माहौल गरमा गया।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने व्यापार मंडल के पदाधिकारियों से उनके प्रदेश अध्यक्षों द्वारा जारी आईडी कार्ड व नियुक्ति पत्र की मांग कर दी। इस पर व्यापारी भड़क उठे और बैठक छोड़ने की चेतावनी दे डाली। वरिष्ठ व्यापारी नेता वीरेंद्र धींगड़ा और राजेश गुप्ता ने मोर्चा संभालते हुए कहा –
“हम यहां बिना बुलाए नहीं आए हैं। जब आपको हमारे परिचय पर संदेह है, तो क्या हम भी आप अधिकारियों से आपके आईडी कार्ड मांग सकते हैं? यह रवैया अपमानजनक है और व्यापारियों की समस्याओं से बचने का प्रयास है।”
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि सरकार इन बैठकों को व्यापारिक समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित करती है, न कि पदाधिकारियों को अपमानित करने के लिए। उनका कहना था कि कई दशकों से ये बैठकें हो रही हैं, लेकिन आज तक किसी अधिकारी ने ऐसी शर्त नहीं रखी।
स्थिति बिगड़ते देख अपर जिलाधिकारी कल्पना जायसवाल ने हस्तक्षेप करते हुए व्यापारियों को शांत कराया और आश्वासन दिया कि भविष्य में इस तरह के सवाल नहीं उठाए जाएंगे। इसके बाद बैठक की कार्यवाही सामान्य रूप से आगे बढ़ी।
बैठक में प्रमुख व्यापारी नेता वीरेंद्र धींगड़ा, राजेश गुप्ता, शिव स्वरूप गुप्ता, सत्यपाल गुप्ता, अरविंद गुप्ता, सागर अरोरा, यादवेन्द्र पटेल समेत सैकड़ों व्यापारी मौजूद रहे।


























