
बिल्सी (बदायूं)। नगर में आज सुबह का समय अत्यंत दुखद और शोकपूर्ण रहा। जैन समाज के प्रमुख और समाजसेवी मृगांक कुमार जैन उर्फ टीटू के इकलौते पुत्र विक्की जैन (20 वर्ष) का आज प्रातः अचानक निधन हो गया। विक्की काफी समय से किडनी संबंधी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और मुरादाबाद में सप्ताह में दो बार डायलिसिस कराया करते थे।
डायलिसिस के लिए घर से निकलने की तैयारी थी, अचानक बिगड़ा स्वास्थ्य
परिजनों के अनुसार, शनिवार सुबह विक्की को डायलिसिस के लिए मुरादाबाद ले जाने की तैयारियाँ चल रही थीं। इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और परिजन कुछ समझ पाते, इससे पहले ही उसने अंतिम सांस ली। इस खबर से पूरा परिवार सदमे में है और नगर में शोक की लहर दौड़ गई है।
मृतक के चाचा अनूप जैन ने बताया कि विक्की का लंबे समय से इलाज चल रहा था और वह काफ़ी साहस के साथ बीमारी से लड़ रहा था। मगर आज किस्मत ने साथ नहीं दिया।
नगर में शोक
विक्की के निधन की खबर जैसे ही फैली, नगर में शोक की लहर दौड़ गई। मुख्य बाजार स्थित जैन मार्केट के दुकानदारों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखीं हैं। नगर के सैकड़ों लोग जैन निवास पर पहुंच रहे हैं युवा, सौम्य और मिलनसार स्वभाव के विक्की की लोकप्रियता ऐसी थी कि हर आंख नम थी और हर दिल गमगीन।
अंतिम संस्कार दोपहर 1 बजे कछला घाट पर
विक्की जैन का अंतिम संस्कार आज दोपहर 1 बजे कछला गंगा घाट पर किया जाएगा। अंतिम यात्रा में नगर के गणमान्य नागरिक, व्यापारी, समाजसेवी, शिक्षक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में शहरवासी शामिल होंगे।
समाज के प्रमुख लोगों ने दी श्रद्धांजलि
विक्की के निधन पर शहर के प्रमुख समाजसेवियों और गणमान्य नागरिकों ने शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर अमित वार्ष्णेय, सुधीर सोमानी, प्रवीण वार्ष्णेय, चैतन्य तोषनीवाल, वरिष्ठ पत्रकार ललित मोहन वार्ष्णेय, विशाल वार्ष्णेय, अनिल जैन सोनी, नीरज जैन, शरद चंद्र जैन, अजीत जैन, डब्बू जैन, अरविंद जैन, प्रशांत जैन, रंजीत वार्ष्णेय ‘सिक्की’, लव कुमार वार्ष्णेय, गणेश वार्ष्णेय, अनिल बाबू जैन, सोनू वार्ष्णेय, सभासद राजीव माहेश्वरी, सव्वन भाई, Dr उमेंद्र गुप्ता डॉ राजीव सिंह कुलदीप वार्ष्णेय, सहित अनेकों लोगों ने गहरा दुःख व्यक्त किया।
“एक युवा जीवन का इस तरह असमय समाप्त हो जाना समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। स्वदेश केसरी परिवार ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिजनों को यह गहन दुःख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना करता है।


























