लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपनी नई प्रदेश संगठनात्मक टीम का ऐलान कर दिया है। नई टीम में पार्टी का सबसे बड़ा फोकस विपक्ष के PDA-पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक- राजनीतिक समीकरण की काट तैयार करने पर दिखाई दे रहा है। संगठन में समाजवादी पार्टी के पीडीए (PDA) फॉर्मूले की काट निकालने के लिए भाजपा ने ओबीसी-दलित वर्ग पर बड़ा दांव खेला है,राजनीतिक विश्लेषणों के अनुसार, इस टीम में ठाकुर और ब्राह्मण नेताओं की संख्या में पहले के मुकाबले कम की गई है।

यूपी भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन
धर्मपाल सिंह को मिलाकर अब 54 लोगों की टीम हो गई है। टीम में 13 महिलाएं हैं। पिछली बार की तुलना करें तो ओबीसी की संख्या 16 से बढ़कर 25 हो गई है। सामान्य वर्ग के 21 चेहरों को प्रदेश टीम में जगह मिली है।
ठाकुरों की संख्या 7 से घटकर 6 और ब्राह्मणों की संख्या 8 से घटकर 7 हो गई है। इसके अलावा 4 भूमिहार, 3 वैश्य और 1 श्रीवास्तव को जगह मिली है। अनुसूचित जाति (SC) की बात करें तो 7 लोगों को जगह दी गई है। वहीं, अनुसूचित जनजाति (ST) में सिर्फ इंजीनियर विद्याभूषण गोंड को जगह दी गई है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी की ओर से जारी सूची में 19 प्रदेश उपाध्यक्ष, 8 प्रदेश महामंत्री और 19 प्रदेश मंत्री नियुक्त किए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश के सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्षों को बदल दिया गया है। पार्टी के इस व्यापक फेरबदल को बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावी चुनौती के लिए सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

नई टीम में पूर्व मंत्री सुरेश राणा, सत्यपाल सैनी, ब्रज बहादुर सिंह, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, देवेश कोरी, प्रियंका रावत, दुर्विजय शाक्य, रमेश सिंह, नीरज सिंह, अर्चना मिश्रा, पूजा पाल, शंकर गिरी, कामेश्वर सिंह, डॉ. कृतिका अग्रवाल, सुरेश मौर्य, राजेश यादव, कृष्ण बिहारी राय और आलोक गुप्ता को प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के दूसरे पुत्र नीरज सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाकर पार्टी ने नए राजनीतिक चेहरों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया है। वहीं, समाजवादी पार्टी से विधायक रह चुकीं पूजा पाल को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाना भी विपक्षी खेमे में राजनीतिक संदेश देने वाला फैसला माना जा रहा है। बाराबंकी की प्रियंका रावत को भी संगठन में बड़ी जिम्मेदारी देकर पार्टी ने महिला और दलित नेतृत्व को महत्व दिया है।

आठ प्रदेश महामंत्री बनाए गए
नई सूची में रामप्रताप सिंह चौहान, गीता शाक्य, अभिजात मिश्रा, उपेंद्र रावत, संजय राय, शंकर लोधी, दिलीप पटेल और राजेश चौधरी को प्रदेश महामंत्री नियुक्त किया गया है। पार्टी ने संगठनात्मक अनुभव और विभिन्न सामाजिक वर्गों की भागीदारी को ध्यान में रखकर महामंत्रियों की टीम तैयार की है।

सभी क्षेत्रीय अध्यक्ष बदले, छह क्षेत्रों में नई कमान
भाजपा ने पश्चिम से लेकर पूर्वांचल तक संगठन की कमान नए चेहरों को सौंप दी है। पश्चिम क्षेत्र का अध्यक्ष नबाब सिंह नागर, ब्रज क्षेत्र का अध्यक्ष पूरन लाल लोधी, कानपुर क्षेत्र का अध्यक्ष राम किशोर साहू, अवध क्षेत्र का अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी, काशी क्षेत्र का अध्यक्ष अशोक चौरसिया और गोरखपुर क्षेत्र का अध्यक्ष विनोद राय बनाया गया है। सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्षों को बदलने से साफ है कि पार्टी क्षेत्रवार नए सिरे से चुनावी तैयारी में जुटना चाहती है।

मीडिया, सोशल मीडिया और मोर्चों पर भी नई जिम्मेदारियां
दिनेश प्रताप सिंह को मुख्य प्रवक्ता, मनीष दीक्षित को प्रदेश मीडिया संयोजक और हिमांशु राज पंडित को प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक बनाया गया है। भारत दीक्षित को कार्यालय मंत्री, अतुल अवस्थी और लक्ष्मण सिंह को कार्यालय सह-मंत्री की जिम्मेदारी मिली है।

मोर्चों में रोहित मिश्रा को युवा मोर्चा अध्यक्ष, प्रकाश पाल को पिछड़ा मोर्चा अध्यक्ष, देवेंद्र सिंह को किसान मोर्चा अध्यक्ष, अशोक रावत को अनुसूचित मोर्चा अध्यक्ष, सरोज कुशवाह को महिला मोर्चा अध्यक्ष और विद्याभूषण गोंड को अनुसूचित जनजाति मोर्चा अध्यक्ष बनाया गया है।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, भाजपा ने नई टीम में सामाजिक प्रतिनिधित्व का संदेश देते हुए विपक्ष के अखिलेश यादव के PDA अभियान का जवाब देने की कोशिश की है। पार्टी का लक्ष्य पिछड़ा, दलित, महिला, किसान और युवा वर्गों में अपनी पकड़ को और मजबूत करना है। नई टीम को 2027 विधानसभा चुनाव के साथ ही 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here