








बिल्सी। बुधवार को समाजसेवी दीपक माहेश्वरी “बाबा” ने अपनी वैवाहिक वर्षगांठ पर प्रभात फेरी में शामिल कीर्तन मंडली का स्वागत अपने आवास पर किया। दीपक बाबा ने कीर्तन मंडली को पटका पहना कर सम्मानित किया और सभी के लिए चाय-नाश्ते की व्यवस्था कराई। उन्होंने कहा कि प्रभात फेरी नगर में धार्मिक और सांस्कृतिक सौहार्द का प्रतीक है, और इसमें भाग लेना सौभाग्य की बात है।
नगर में वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत पौष माह से वसंत पंचमी तक हर सुबह पांच बजे बिजलीघर रोड स्थित नवदुर्गा मंदिर से प्रभात फेरी निकाली जाती है। यह फेरी निश्चित मार्ग से गुजरते हुए नगर में कीर्तन और भजन करती है। प्रभात फेरी का यह धार्मिक और सामाजिक आयोजन नगरवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण परंपरा बन चुका है।
दीपक बाबा नगर में समय-समय पर समाजसेवा के कार्य करते रहते हैं। उनके आवास पर हर मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ होता है, जिसमें बड़ी संख्या मे लोग शामिल होते हैं । इस मौके पर दीपक बाबा और उनके परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
प्रभात फेरी की परंपरा और विशेषताएं
प्रभात फेरी का आयोजन पौष माह के एकादशी से शुरू होकर वसंत पंचमी तक किया जाता है। सुबह पांच बजे नवदुर्गा मंदिर से प्रारंभ होकर यह नगर के विभिन्न मार्गों से होती हुई वापस मंदिर पर समाप्त होती है। इस फेरी के दौरान नगर के लोग कीर्तन मंडली का स्वागत करते हुए जगह-जगह चाय-नाश्ता और स्वल्पाहार कराते हैं।
इस वर्ष की प्रभात फेरी का समापन वसंत पंचमी के दिन, दो फरवरी को होगा। नगरवासी इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और इसे नगर की एक ऐतिहासिक परंपरा मानते हैं।


























