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Delhi High Court Wife Husband Extramarital Affairs Accusations Case | पति के चरित्र पर झूठा आरोप तलाक का आधार: हाईकोर्ट ने कहा- पत्नी अगर पति पर विवाहेत्तर संबंध के बेबुनियाद आरोप लगाए तो यह क्रूरता

नई दिल्ली24 मिनट पहले

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दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस केस में पत्नी ही सबके सामने पति का अपमान कर रही है, उसे परेशान कर रही है। - Dainik Bhaskar

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस केस में पत्नी ही सबके सामने पति का अपमान कर रही है, उसे परेशान कर रही है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर कोई महिला अपने पति पर एक्स्ट्रामैरिटल अफेयर्स के झूठे आरोप लगाती है और उसे सबकी नजरों में वुमनाइजर यानी कई महिलाओं से अवैध संबंध रखने वाले के तौर पर पेश करती है, तो यह क्रूरता कहलाएगी। इसके आधार पर पति तलाक ले सकता है।

जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की बेंच ने पति को तलाक दिलवाने वाले फैमिली कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। बेंच ने कहा कि पति उम्मीद करता है कि पत्नी उसका सम्मान करेगी और जरूरत पड़ने पर उसकी ढाल भी बनेगी। लगातार अपने पति के चरित्र और वफादारी पर सवाल उठाते रहना मानसिक कष्ट का कारण बनता है।

महिला ने तलाक के आदेश के खिलाफ याचिका दाखिल की थी
हाईकोर्ट ने कहा कि ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस केस में पत्नी ही सबके सामने पति का अपमान कर रही है। उसे परेशान कर रही है। यहां तक कि वह अपने पति के ऑफिस मीटिंग्स में जाकर उसके स्टाफ के सामने या मेहमानों के सामने उस पर बेवफाई के झूठे आरोप लगा रही है।

महिला ने अपने पति के दफ्तर की महिला कर्मियों को भी परेशान किया और अपने पति को वुमनाइजर के तौर पर पेश करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। महिला का अपने पति की तरफ ये आचरण बेहद क्रूर है। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने तलाक के आदेश के खिलाफ महिला की याचिका खारिज कर दी।

बच्चे को एक पेरेंट से दूर रखना भी मानसिक क्रूरता
हाईकोर्ट ने साथ ही यह भी कहा कि कोई भी सफल शादीशुदा जिंदगी आपसी सम्मान और भरोसे पर चलती है और अगर इन दोनों में से किसी में भी कमी आती है तो रिश्ते का अंत होना तय है।

कोर्ट ने देखा कि पत्नी का दावा है कि उसका पति नपुंसक था और इस वजह से उसने अपने पति को पोटेंसी टेस्ट के लिए मजबूर किया, हालांकि इस टेस्ट में पति फिट निकला। ये पति के साथ क्रूरता थी। पत्नी ने अपने पति को उसके बच्चे से भी दूर रखा, जो कि अलग तरह की क्रूरता है।

हाईकोर्ट ने कहा कि इससे ज्यादा दर्दनाक और कुछ नहीं होता कि आपका अपना बच्चा ही आपसे मुंह मोड़ ले। एक पेरेंट अगर बच्चे को दूसरे पेरेंट से दूर करता है तो यह भी मानसिक क्रूरता कहलाएगी। मौजूदा केस में भी बच्चे को न सिर्फ पिता से दूर किया गया, बल्कि पिता के खिलाफ हथियार के तौर पर भी इस्तेमाल किया गया।

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दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि पति या पत्नी अगर जानबूझकर बच्चे को माता-पिता के प्यार से दूर रखने की कोशिश करता है, तो यह मानसिक क्रूरता है। अदालत ने पहले से ही अलग रह रहे कपल को मामले में फैमिली कोर्ट की ओर से दिए फैसले को बरकरार रखा। पूरी खबर यहां पढ़ें…

संबंध बनाने के लिए पत्नी मना करे तो क्रूरता:हाईकोर्ट ने कहा- इस आधार पर पति तलाक ले सकता है
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि शादी के बाद अपने पार्टनर को सेक्स के लिए इनकार करना क्रूरता है। सेक्स के बिना शादी अभिशाप है। शादी के बाद यौन संबंधों में लगातार निराशा से ज्यादा घातक और कुछ नहीं हो सकता। इस मामले में पत्नी के विरोध के चलते शादी का मकसद ही पूरा नहीं हुआ है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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