अलीगढ़।गोवर्धन का अर्थ है गो संवर्धन। भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत मात्र इसीलिए उठाया था कि पृथ्वी पर फैली बुराइयों का अंत केवल प्रकृति एवं गो संवर्धन से ही हो सकता है। यह उद्गार अलीगढ़।धनीपूर् मंडी के पास नटराजमपुरम कालोनी माली नगला में चल रही श्रीमदभागवत कथा में सोमवार को कथावाचक आचार्य अतुल कृष्ण व्यास ने व्यक्त किए। उन्होंने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और गोवर्धन पूजा के प्रसंग विस्तार से सुनाए। उन्होंने कहा कि अगर हम बिना कर्म करे फल की प्राप्ति चाहेंगे तो वह कभी नहीं मिलेगा, कर्म तो हमें करना ही होगा।





कथावाचक अतुल व्यास जी ने गोवर्धन पर्वत की कथा सुनाते हुए कहा कि इंद्र के कुपित होने पर श्रीकृष्ण ने गोवर्धन उठा लिया था। इसमें ब्रजवासियों ने भी अपना-अपना सहयोग दिया। श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों की रक्षा के लिए राक्षसों का अंत किया तथा ब्रजवासियों को पुरानी चली रही सामाजिक कुरीतियों को मिटाने एवं निष्काम कर्म के जरिए अपना जीवन सफल बनाने का उपदेश दिया।
श्रीमद्भागवत ज्ञान सप्ताह में श्रोताओं को खुशहाल जीवन जीने की प्रेरणा दी जा रही है। कथावाचक अतुल कृष्ण ने गोवर्धन पूजा व कृष्ण-सुदामा सहित अन्य कथाओं का मार्मिक वर्णन कर श्रोताओं को इनसे सीख लेने का संदेश दिया। उन्होंने प्रेम को बढ़ावा देते हुए घमंड और विश्वास के साथ धोखेबाजी से दूर रहने की सलाह दी। इस श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से मानव जीवन के उद्देश्यों से परिचित कराया जा रहा है। कथा में गोवर्धन पर्वत की कृत्रिम आकृति झांकी के माध्यम से दर्शाई गई। भगवान कृष्ण को 56 भोग लगाए गए। प्रवचनों में शुकदेव आचार्य ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने पृथ्वी पर धर्म और सत्य की पुन: स्थापना के लिए द्वापर युग में अवतार लिया। उन्होंने बाल्य अवस्था में ही कालीय नाग का मर्दन करके यमुना जी को पवित्र किया, पूतना एवं बकासुर आदि मायावी शक्तियों का अंत किया। बृज भूमि में आतंक के पर्यायी कंस मामा का वध करके अपने माता-पिता देवकी-वसुदेव और नाना महाराज उग्रसेन को कारागार से मुक्त कराया। गोवर्धन पूजा में प्रकृति की पूजा का उल्लेख किया गया। गायकों द्वारा सुनाए गए भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। आज कथा के दौरान मुख्य यजमान स्व. विनोद कुमार ठाकुर के पुत्र आशू, अपने भाइयों शिवम,धीरज ठाकुर के साथ ठाकुर संजू सिंह,ठाकुर राजकुमार सिंह,बबली देवी,आशा सिंह,सुभम सिंह,मोहित प्रताप सिंह,रोहित सिंह,धीरज,नीरज,जतिन राजू सिंह,धीरू, राजा,निहाल सिंह,मदनपाल सिंह, शानू ,अनुराधा उपस्थित रहे।


























