बिल्सी। साइबर अपराधियों के झांसे में आकर अपना बैंक खाता उपलब्ध कराना बिल्सी के एक युवक को भारी पड़ गया। उसके खाते का इस्तेमाल देश के कई राज्यों में ऑनलाइन ठगी के लिए किया गया। साइबर सेल की जांच के बाद बिल्सी कोतवाली पुलिस ने युवक और उसके साथी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जनपदीय साइबर सेल की जांच में बिल्सी निवासी गौरव गौतम के नाम से बैंक ऑफ बड़ौदा में संचालित खाते में संदिग्ध लेन-देन सामने आया। जांच में पता चला कि इस खाते के माध्यम से 37,500 रुपये का संदिग्ध ट्रांजेक्शन हुआ है। वहीं, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर इस खाते से जुड़े पांच साइबर फ्रॉड के मामले दर्ज मिले, जिनमें हापुड़, हैदराबाद, नागपुर, तमिलनाडु और तेलंगाना के पीड़ित शामिल हैं।
पूछताछ में गौरव ने पुलिस को बताया कि नोएडा में ऑटो चलाने के दौरान उसकी मुलाकात रवि नामक व्यक्ति से हुई थी। रवि ने खाते में एक लाख रुपये का लेन-देन कराने और बदले में ₹5 हजार कमीशन देने का लालच देकर उससे बैंक पासबुक और खाते की गोपनीय जानकारी ले ली। इसके बाद उसी खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जाता रहा और आरोपी उसे कमीशन देता रहा।
बिल्सी कोतवाली पुलिस ने साइबर सेल की रिपोर्ट के आधार पर गौरव गौतम एवं रवि के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक पुष्पराज सिंह कर रहे हैं।
एसएचओ मनोज कुमार ने लोगों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, एटीएम, पासबुक, चेकबुक, ओटीपी या अन्य बैंकिंग जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति को न दें। थोड़े से लालच में उठाया गया ऐसा कदम न केवल साइबर अपराध का माध्यम बन सकता है, बल्कि खाताधारक को भी गंभीर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।


























