बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे से इस आंदोलन को भारत मे मिला नया मोड़,
बिल्सी (बदायूं)। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए यूजीसी रेगुलेशन 2026 को लेकर सवर्ण समाज में भयंकर रोष व्याप्त है। इसे समाज और बच्चों के भविष्य के लिए “काला कानून” बताते हुए बिल्सी क्षेत्र में विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। समाज के लोगों में इस बात को लेकर गहरी नाराज़गी है कि सवर्ण समाज से जुड़े जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस कानून के खिलाफ खुलकर आवाज क्यों नहीं उठा रहे हैं।
इस बीच बरेली में यूजीसी रेगुलेशन के विरोध में सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा अपने पद से त्यागपत्र देने का मामला सामने आने के बाद आंदोलन को नया बल मिला है। समाज के लोगों का कहना है कि जब एक जिम्मेदार अधिकारी नैतिक आधार पर विरोध दर्ज करा सकता है, तो फिर जनप्रतिनिधियों की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। यही कारण है कि समाज की जनता में अपने ही प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति अंदर ही अंदर भारी आक्रोश पनप रहा है।
सवर्ण समाज द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि आगामी 28 जनवरी (बुधवार) को उप जिलाधिकारी बिल्सी को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। यह ज्ञापन बच्चों के भविष्य की रक्षा और यूजीसी के काले कानून को रद्द कराने की मांग को लेकर दिया जाएगा।
सवर्ण समाज ने बिल्सी क्षेत्र के सभी लोगों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में एकत्र होकर इस आंदोलन को मजबूती दें और अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर आवाज बुलंद करें।


























