

बिल्सी। दीपावली पर्व के मद्देनज़र नगर में पटाखों की बिक्री के लिए प्रशासन द्वारा शेखपुर बाईपास चौराहे पर इस वर्ष पटाखा बाजार स्थापित किया गया है। इस बाज़ार को तीन दिनों –19 से 21 अक्टूबर तक बिक्री की अनुमति दी गई है। इस वर्ष कुल 34 पटाखा दुकानों को लाइसेंस प्रदान किया गया है और जिसकी सभी औपचारिकताएं दुकानदारों द्वारा पूरी की गई हैं।
लेकिन स्वदेश केसरी न्यूज़ की टीम ने आज दोपहर करीब 12 बजे जब मौके का निरीक्षण किया, तो सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर भारी लापरवाही दिखाई दी। प्रशासन ने केवल “आबादी से दूर बाजार लगाने” तक ही अपनी जिम्मेदारी सीमित रखी, जबकि अग्नि सुरक्षा के बुनियादी इंतज़ाम पूरी तरह नदारद मिले।
खाली ड्रम, सूखी बाल्टियाँ — सुरक्षा व्यवस्था अधूरी
मौके पर रखे गए नीले ड्रम, जिनमें पानी भरा होना चाहिए था, पूरी तरह खाली मिले। दुकानों के आसपास बालू या अग्निशमन सामग्री का भी अभाव था। जब इस संबंध में दुकानदारों से पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि —“पालिका प्रशासन की ओर से अब तक पानी या सुरक्षा उपकरणों की कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई है।”
कुछ देर बाद पानी का एक टैंकर वहां पहुंचा, जिसके आते ही दुकानदारों में अपने-अपने ड्रम भरने की होड़ मच गई। लेकिन यह स्थिति खुद इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन ने समय रहते कोई तैयारी नहीं की थी।
केवल अनुमति देना ही जिम्मेदारी नहीं
यह चिंताजनक है कि प्रशासनिक और नगरपालिका स्तर पर सुरक्षा को लेकर कोई सक्रिय निगरानी या नियंत्रण व्यवस्था नहीं दिखी। ऐसे संवेदनशील स्थलों पर अग्निशमन यंत्र, पानी, बालू, प्राथमिक चिकित्सा सामग्री, और फायर ब्रिगेड का अलर्ट स्टाफ रहना जरूरी होता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि—“नगर पालिका और उपजिलाधिकारी कार्यालय की जिम्मेदारी केवल पटाखा बाजार के लिए अनुमति देने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्हें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि मौके पर हर सुरक्षा संसाधन उपलब्ध हों और उनकी नियमित जांच होती रहे।”
प्रशासन और पालिका दोनों की लापरवाही उजागर
यह पहली बार नहीं है जब दीपावली के मौके पर पालिका प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता सामने आई हो। हर साल सुरक्षा मानकों की समीक्षा केवल कागजों तक सीमित रहती है। इस बार भी स्थिति वैसी ही दिखी — न तो कोई निगरानी अधिकारी मौके पर मौजूद था, न ही सुरक्षा मानकों की चेकिंग की जा रही थी।
दुकानदारों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि—“हम अपनी दुकानें वैध लाइसेंस के साथ लगाते हैं, लेकिन अगर पानी और सुरक्षा इंतज़ाम नहीं मिलते तो कोई हादसा होने पर जिम्मेदारी कौन लेगा?”
जनता की मांग — प्रशासन करे मौके पर नियमित निरीक्षण
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने स्थानीय एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि पटाखा बाजारों में सुरक्षा इंतज़ामों की सख्त जांच की जाए और नगर पालिका को निर्देश दिए जाएं कि प्रत्येक ड्रम में पर्याप्त मात्रा में पानी और बालू भरा रहे।
यदि प्रशासन केवल स्थान चिन्हित करके जिम्मेदारी खत्म समझ लेता है, तो किसी भी अप्रिय स्थिति में यह लापरवाही भारी पड़ सकती है।
स्वदेश केसरी को स्थलीय निरीक्षण में मिलीं भारी कमियां:
स्वदेश केसरी न्यूज़ की टीम ने मौके से दृश्य देखकर साफ कहा कि अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो किसी भी अनहोनी की स्थिति में जवाबदेही तय करना मुश्किल होगा।


























