


बदायूं। अखिल भारतीय सनातन बोर्ड की बैठक शहर के बजरंग नगर स्थित देवदत्त शर्मा के आवास पर आयोजित की गई। बैठक में सनातन संस्कृति, शिक्षा व्यवस्था एवं गुरुकुल परंपरा को पुनर्स्थापित करने पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता देवदत्त शर्मा ने कहा कि भारत की सनातन गुरुकुल शिक्षा पद्धति को एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत तत्कालीन अंग्रेजी शासन की मैकाले शिक्षा नीति के माध्यम से समाप्त कर दिया गया। उन्होंने कहा कि गुरुकुल व्यवस्था भारत की समृद्धि और उच्च साक्षरता का आधार थी, जिसे नष्ट कर क्लर्क तैयार करने वाली शिक्षा प्रणाली लागू की गई। उन्होंने केंद्र एवं प्रदेश सरकार से ‘एक देश-एक शिक्षा नीति’ लागू कर सनातन गुरुकुल शिक्षा प्रणाली को पुनः स्थापित करने की मांग की।
मुख्य अतिथि श्री राम विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य कालिका प्रसाद गंगवार ने कहा कि विद्या भारती द्वारा संचालित विद्यालयों में भारतीय संस्कृति एवं संस्कार आधारित शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे देशभक्त एवं चरित्रवान नागरिक तैयार हो रहे हैं।
बैठक का संचालन संगठन मंत्री डॉ. सुशील गुप्ता ने किया, जबकि अध्यक्षता जितेंद्र साहू ने की। इस अवसर पर आचार्य प्रणव शास्त्री, डॉ. नरेंद्र कश्यप, महिला जागरण प्रमुख रचना शंखधार तथा मठ-मंदिर प्रमुख अश्विनी भारद्वाज ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए सनातन संस्कृति और भारतीय शिक्षा व्यवस्था के संरक्षण पर बल दिया।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने भारतीय संस्कृति, संस्कार एवं गुरुकुल शिक्षा प्रणाली के प्रचार-प्रसार के लिए जनजागरण अभियान चलाने का भी संकल्प लिया।


























