एटा से जिला संवाददाता अरविंद शर्मा की रिपोर्ट



जनपद एटा की धरती पर रविवार को वैश्य समाज की एकजुटता, सामाजिक चेतना और संगठन शक्ति की गवाह बनी, जब ग्रीन गार्डन, ठंडी सड़क पर भारतीय वैश्य महासभा के तत्वावधान में दो दिवसीय भव्य युवक-युवती वैवाहिक परिचय सम्मेलन का ऐतिहासिक शुभारंभ हुआ।
सम्मेलन में दूर-दराज से आए परिवारों, युवाओं और समाजसेवियों की भारी भीड़ उमड़ी। कार्यक्रम केवल वैवाहिक रिश्तों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दिशा तय करने का भी सशक्त मंच बनकर सामने आया।
मीडिया से बातचीत करते हुए भारतीय वैश्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि प्रकाश अग्रवाल ने बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए कहा कि अब वैश्य समाज अपनी उपेक्षा बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने घोषणा की कि आगामी चुनावों में समाज 100 वैश्य प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारने की रणनीति पर कार्य कर रहा है।
राष्ट्रीय प्रधान महासचिव डॉ. संजीव कुमार वार्ष्णेय (बंटी बाबू) ने कहा कि यह सम्मेलन केवल रिश्ते जोड़ने का आयोजन नहीं, बल्कि समाज की अखंडता और सामूहिक शक्ति को मजबूत करने का अभियान है। उन्होंने युवाओं और अभिभावकों से सामाजिक एकता बनाए रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सदर विधायक बदायूं एवं पूर्व राज्य मंत्री महेश चंद्र गुप्ता तथा आगरा विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने समाज की एकजुटता और ऐसे आयोजनों की सराहना करते हुए इसे सामाजिक समरसता का मजबूत माध्यम बताया।
सम्मेलन के पहले ही दिन 500 से अधिक युवक-युवतियों का पंजीकरण हुआ। सुबह से ही पंजीकरण काउंटरों पर भारी भीड़ दिखाई दी, जिससे समाज में आयोजन को लेकर उत्साह साफ नजर आया।
शाम को आयोजित सम्मान समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से आए अभिभावकों एवं समाजसेवियों का सम्मान किया गया। साथ ही चारों मंडलों की टीमों का भी भव्य स्वागत हुआ।
कार्यक्रम के संयोजक एवं राष्ट्रीय महासचिव राकेश वार्ष्णेय (चिकोरी) और गीता वार्ष्णेय ने समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया।
इस अवसर पर सुधा गुप्ता, पंकज गुप्ता, मीना माहेश्वरी, राजेंद्र बोहरे, आशु वार्ष्णेय, चीना अग्रवाल, प्रीति सिंघल, रेखा गुप्ता, राहुल वार्ष्णेय (बॉबी), दीपक बंसल, ऋषि गुप्ता, आदित्य मित्तल, कपिल गुप्ता, नवीन वार्ष्णेय, ब्रह्मप्रकाश वार्ष्णेय, सचिन वार्ष्णेय, आलोक वार्ष्णेय सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन भरत जी एवं प्रदीप भामाशाह ने संयुक्त रूप से किया। सम्मेलन समाज के लिए प्रेरणादायक और एकता का संदेश देने वाला आयोजन साबित हुआ।


























