


नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को लेकर केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बड़ा फैसला लिया है। कथित “गेस पेपर” लीक और परीक्षा की गोपनीयता भंग होने के आरोपों के बाद NEET UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी गई है। इस निर्णय के बाद देशभर के करीब 23 लाख छात्रों और उनके अभिभावकों में भारी चिंता और असमंजस की स्थिति बन गई है।
केंद्र सरकार ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में किसी भी प्रकार की धांधली या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं NTA ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी और नई तारीख जल्द घोषित होगी।
कैसे सामने आया मामला
सूत्रों के अनुसार परीक्षा से पहले कुछ राज्यों में कथित “गेस पेपर” वायरल होने की शिकायतें मिली थीं। प्रारंभ में इसे सामान्य अफवाह माना गया, लेकिन बाद में जांच एजेंसियों को ऐसे कई इनपुट मिले जिनसे संकेत मिला कि यह केवल अनुमान आधारित पेपर नहीं, बल्कि असली प्रश्नपत्र से जुड़ी संवेदनशील जानकारी हो सकती है।
इसके बाद राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) सक्रिय हुई और कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। धीरे-धीरे मामला बड़ा होता गया और केंद्र सरकार ने हस्तक्षेप करते हुए जांच CBI को सौंप दी।
NTA ने क्या कहा
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि छात्रों के हित और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। एजेंसी के अनुसार उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्टों की समीक्षा के बाद यह महसूस किया गया कि परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है, इसलिए परीक्षा रद्द करना आवश्यक था।
NTA ने यह भी कहा कि छात्रों को दोबारा आवेदन नहीं करना होगा। पहले से भरी गई जानकारी और परीक्षा केंद्र मान्य रहेंगे। नई एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे और किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
छात्रों को दी गई राहत
एनटीए ने छात्रों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं—
- परीक्षा दोबारा आयोजित होगी
- दोबारा आवेदन की जरूरत नहीं
- पुराना परीक्षा केंद्र वैध रहेगा
- अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी
- जमा की गई फीस समायोजित/वापस की जाएगी
- नई एडमिट कार्ड जारी होंगे
- हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं
छात्र सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 011-40759000 / 011-69227700 तथा ईमेल आईडी neet-ug@nta.ac.in जारी की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
गौरतलब है कि परीक्षा के बाद NTA ने दावा किया था कि NEET UG 2026 को अत्याधुनिक सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत कराया गया। एजेंसी के अनुसार प्रश्नपत्र GPS ट्रैकिंग वाहनों से भेजे गए थे। AI आधारित CCTV निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन और 5G जैमर जैसी तकनीकों का उपयोग किया गया था।
इसके बावजूद कथित पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इतनी सुरक्षा के बावजूद प्रश्नपत्र बाहर पहुंचा तो यह बेहद गंभीर मामला है।
कई राज्यों में बढ़ा विरोध
परीक्षा रद्द होने की खबर के बाद सोशल मीडिया पर छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। कई छात्रों ने कहा कि उन्होंने वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा दी थी और अब दोबारा परीक्षा देना मानसिक दबाव बढ़ाने वाला होगा।
वहीं अभिभावकों का कहना है कि बार-बार पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की घटनाएं देश की शिक्षा व्यवस्था की साख को नुकसान पहुंचा रही हैं। छात्रों ने सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
राजस्थान कनेक्शन की जांच तेज
जांच एजेंसियों के मुताबिक इस पूरे मामले के तार राजस्थान से जुड़ते दिखाई दे रहे हैं। अब तक 45 से अधिक लोगों को हिरासत में लेने की खबर सामने आई है। जांच में दो बड़े पहलुओं पर फोकस किया जा रहा है
- प्रश्नपत्र प्रिंटिंग के दौरान लीक हुआ या नहीं
- पेपर सेटिंग से जुड़े लोगों की भूमिका
सूत्रों के अनुसार कुछ स्थानों से हाथ से लिखा हुआ संदिग्ध प्रश्नपत्र जैसा सामग्री भी बरामद हुई है।
शिक्षा व्यवस्था पर फिर संकट
देश में पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में NEET जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा का रद्द होना सरकार और एजेंसियों दोनों के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल परीक्षा रद्द करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी।
राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का पुराना बयान अब बना चर्चा का विषय, सोशल मीडिया पर जमकर हो रहे ट्रोल
राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री Rajyavardhan Singh Rathore का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो एक टीवी समिट का बताया जा रहा है, जिसमें उन्होंने पत्रकारों को चुनौती देते हुए कहा था कि राजस्थान में पिछले दो वर्षों में कितने पेपर लीक हुए हैं, इसे गूगल करके देख लें।
अब जब NEET पेपर लीक मामले के तार राजस्थान से जुड़ते नजर आ रहे हैं और परीक्षा रद्द करनी पड़ी है, तब सोशल मीडिया यूजर्स उनके उसी बयान को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि “अब कहां गया वो आत्मविश्वास?” जबकि कुछ लोगों ने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है।
हालांकि मंत्री की ओर से इस पूरे विवाद पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर बहस लगातार तेज होती जा रही है।


























