बिल्सी। करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित रोडवेज बस स्टेशन बनने के बावजूद बिल्सी क्षेत्र आज भी परिवहन सेवाओं के मामले में उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और परिवहन विभाग की उदासीनता के चलते बिल्सी की जनता बेहतर रोडवेज सुविधा से अब तक वंचित है।
बदायूं-दिल्ली वाया इस्लामनगर-सम्भल मार्ग पर रोडवेज बसें बस स्टेशन निर्माण से पहले भी संचालित थीं और आज भी किसी तरह चल रही हैं, लेकिन कासगंज-बिसौली मार्ग पर परिवहन व्यवस्था वर्षों बाद भी पंगु बनी हुई है। शाहबाद-कछला स्टेट हाईवे जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर पूरे दिन में केवल कासगंज डिपो और पीतल नगरी डिपो की दो बसें ही संचालित हो रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब रोडवेज बसें नहीं मिलतीं तो मजबूरी में उन्हें डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। इस मार्ग पर पूरे दिन अवैध वाहन बेखौफ दौड़ते दिखाई देते हैं, जिन पर प्रशासन और पुलिस कार्रवाई करने के बजाय मौन साधे हुए हैं।
क्षेत्रीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने कई बार इस मार्ग पर अतिरिक्त बसें संचालित कराने की मांग उठाई। स्वदेश केसरी न्यूज़ द्वारा भी लगातार अभियान चलाकर परिवहन विभाग का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि यदि इस मार्ग पर पीतल नगरी डिपो के अलावा एटा, मैनपुरी और कासगंज डिपो की बसें मुरादाबाद, मथुरा, आगरा और शाहबाद मार्ग से रामपुर, हल्द्वानी व उत्तराखंड तक संचालित कर दी जाएं तो बिल्सी क्षेत्र के व्यापार, शिक्षा और रोजगार को बड़ा लाभ मिल सकता है।
सबसे बड़ी विडंबना यह है कि नवनिर्मित रोडवेज बस स्टेशन पिछले एक वर्ष से उद्घाटन की बाट जोह रहा है। करोड़ों की लागत से बना यह भवन आज “सफेद हाथी” साबित हो रहा है। यहां केवल दिल्ली मार्ग की बसों की एंट्री कर खानापूर्ति की जा रही है, जबकि यात्रियों को न पर्याप्त बसें मिल रही हैं और न ही अन्य शहरों के लिए सीधी परिवहन सुविधा।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि अब इस गंभीर समस्या पर चुप्पी साधे हुए हैं। लोगों ने परिवहन विभाग और जनप्रतिनिधियों से शीघ्र अतिरिक्त रोडवेज बसें संचालित कराने तथा रोडवेज बस स्टेशन का विधिवत उद्घाटन कर इसे पूर्ण रूप से चालू कराने की मांग की है।


























