बदायूं। जनपद के थाना अलापुर क्षेत्र से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक एक मादा कुत्ते को गले में रस्सी बांधकर सड़क पर घसीटते हुए ले जाते दिखाई दे रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच कुत्ते के गले में बेहद टाइट रस्सी बंधी हुई थी, जिससे वह बुरी तरह तड़पती नजर आ रही है और उसका दम घुटता हुआ साफ दिखाई दे रहा है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि पीछे से आ रहे एक अन्य बाइक सवार ने दोनों युवकों को रोककर इस क्रूरता का विरोध किया और उनसे ऐसा करने का कारण पूछा। उसने युवकों से पशु पर दया करने की अपील भी की, लेकिन आरोप है कि दोनों युवक उल्टा उसी व्यक्ति से झगड़ने लगे। वीडियो में युवक खुद को किसी “शहजादे” का भाई बताते हुए दबंगई दिखाते नजर आ रहे हैं, जिससे लोगों में यह धारणा बन रही है कि यह हरकत जानबूझकर की जा रही थी।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोग लगातार कमेंट और शेयर कर प्रशासन से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि आखिर पशुओं के साथ इतनी बर्बरता करने वालों पर सख्त कार्रवाई कब होगी।

वहीं इस घटना के बाद जिला पशु क्रूरता निवारण समिति पर भी सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि क्या इस समिति का गठन केवल औपचारिक बैठकों और चाय-बिस्किट तक सीमित है या वास्तव में पशु क्रूरता रोकने के लिए किया गया है। लोगों का कहना है कि समिति की उपाध्यक्ष स्वयं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूं हैं, इसके बावजूद आए दिन पशुओं पर अत्याचार के मामले सामने आ रहे हैं और कार्रवाई बेहद धीमी नजर आती है।

पशु प्रेमी वीकेंद्र शर्मा ने भी वायरल वीडियो पर कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने उस व्यक्ति को सम्मानित करने की भी बात कही जिसने सड़क पर हो रही इस क्रूरता के खिलाफ आवाज उठाई और वीडियो बनाकर पूरे मामले को सामने लाया। उनका कहना है कि ऐसे लोगों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए ताकि समाज में यह संदेश जाए कि कहीं भी पशु क्रूरता हो तो लोग सामने आकर उसका विरोध करें और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराने में सहयोग करें।

बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो थाना अलापुर क्षेत्र का है और वीडियो में दिख रहे युवक ग्राम इकरी निवासी बताए जा रहे हैं। अब लोगों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है कि आखिर पशु क्रूरता के इस गंभीर मामले में जिम्मेदारों पर कब तक शिकंजा कसता है।

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