बदायूं। शहर की पार्वती स्कूल के बराबर से निकलने वाली गली, जिसे पहले हुसैनी गली और वर्तमान में भरत मिलाप गली के नाम से जाना जाता है, वहां विधायक निधि से कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। निर्माण कार्य को लेकर जनता सवाल उठा रही है और पूरे मामले में ठेकेदार, संबंधित जेई और विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली कटघरे में नजर आ रही है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। जगह-जगह गीली मिट्टी और कूड़े के ढेर के ऊपर ही कोलतार डालकर रात के अंधेरे में सड़क तैयार की जा रही है। लोगों का कहना है कि पहली ही बारिश में सड़क उखड़ना तय माना जा रहा है।

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि सड़क निर्माण शुरू होने से पहले क्या नगर पालिका परिषद को किसी प्रकार की लिखित सूचना दी गई थी, ताकि मार्ग के नीचे क्षतिग्रस्त पड़ी पानी की पाइपलाइन को दुरुस्त कराया जा सके? स्थानीय लोगों के अनुसार इस मार्ग के नीचे कई जगह पानी की पाइपलाइन टूटी हुई है, जिससे सप्लाई के दौरान लगातार पानी रिसता रहता है। बावजूद इसके बिना मरम्मत कराए ही सड़क निर्माण कर दिया गया।

लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि क्या सड़क निर्माण से पहले नगर पालिका द्वारा मार्ग पर पड़े कूड़े और नालियों के किनारे जमा मिट्टी के ढेर हटवाए गए थे? आरोप है कि बिना समुचित सफाई के सीधे गीली सतह पर कोलतार डाल दिया गया, जिससे सड़क की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि निर्माण स्थल पर संबंधित जेई की मौजूदगी तक नहीं दिखी। नियमों के अनुसार सड़क निर्माण के दौरान तकनीकी अधिकारी का मौके पर मौजूद रहना आवश्यक होता है, लेकिन यहां पूरा काम मजदूरों के भरोसे चलता नजर आया। लोगों का आरोप है कि जेई केवल सड़क नापने और भुगतान प्रक्रिया तक सीमित होकर रह गए हैं, जबकि मौके पर गुणवत्ता की निगरानी पूरी तरह गायब दिखाई दे रही है।

निर्माणाधीन सड़क पर कई स्थानों पर ऊंचे-नीचे गड्ढे और डबक साफ नजर आ रहे हैं, जिससे लोगों में भारी असंतोष है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विधायक निधि से बनने वाली सड़क यदि शुरू से ही मानकों के विपरीत बनाई जाएगी तो जनता का पैसा बर्बाद होने के साथ-साथ लोगों को भविष्य में फिर परेशानी झेलनी पड़ेगी।

क्षेत्रीय लोगों में इस लापरवाही को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति रोष बढ़ता दिखाई दे रहा है। लोगों ने मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी बदायूं और नगर विधायक से पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि मौके पर पहुंचकर सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार, जेई व संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि जनता के पैसे से होने वाले विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।

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