होम स्वदेश केसरी ब्यूरो रिसौली में श्री राम कथा महोत्सव का सातवां दिवस, राम-सीता विवाह प्रसंग...

रिसौली में श्री राम कथा महोत्सव का सातवां दिवस, राम-सीता विवाह प्रसंग ने बांधा शमां धनुष भंग से लेकर विवाह और अयोध्या उत्सव तक की कथा सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु,

रिसौली। मेरे राम कथा आयोजन समिति रिसौली के तत्वाधान में आयोजित “सेवा और संस्कार को समर्पित श्री राम कथा” के सातवें दिवस पर कथा स्थल पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया। श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में पहुंचकर कथा का रसपान किया।

कथा के दौरान भगवान श्रीराम के जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण और रसमय वर्णन किया गया। कथा में बताया गया कि ऋषि विश्वामित्र ने राम-लक्ष्मण को आशीर्वाद देते हुए कहा-
“सुफल मनोरथ होहू तुम्हारे, राम लखन सुन भए सुखारे”

इसके बाद जनकपुरी में धनुष यज्ञ का प्रसंग सुनाया गया, जहां राम-लक्ष्मण के मंडप में प्रवेश करते ही पूरी सभा मोहित हो गई। अनेक राजाओं ने शिव धनुष उठाने का प्रयास किया, लेकिन कोई उसे हिला तक नहीं सका। अंततः गुरुदेव की आज्ञा से भगवान श्रीराम ने धनुष को तोड़ दिया, जिससे पूरी सभा में हर्ष की लहर दौड़ गई।

कथा में आगे माता सीता का आगमन, जयमाला का दृश्य, और तत्पश्चात भगवान परशुराम के अचानक आगमन से सभा का स्तब्ध होना, राम-लक्ष्मण और परशुराम संवाद का विस्तृत वर्णन किया गया। इसके साथ ही अयोध्या से बारात का आगमन, श्रीराम-सीता विवाह, भव्य स्वागत-सत्कार और अयोध्या वापसी के मंगल उत्सव का भी जीवंत चित्रण किया गया।

वहीं कथा में विश्वामित्र की विदाई, रामचरित के श्रवण-गायन की महिमा, तथा राज्याभिषेक की तैयारियों के बीच मंथरा-केकई संवाद जैसे प्रसंगों को भी बड़े ही मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम में कथा वाचक हरिओम गॉड रामकथा भागवत वाचक की वाणी ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। इस अवसर पर यजमान राधेश्याम पाली, पंडित सोनू शर्मा, विपिन कुमार, भानू चौहान, अवधेश माहेश्वरी, योगेश बजाज, अतुल सोलंकी, दुष्यंत सोलंकी, रामशंकर वैद्य, विकास ठाकुर, आशुतोष तोमर, पंकज मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद, पुनेश भारद्वाज, गंगासिंह, कृष्णा गुप्ता सहित सैकड़ों भक्तों ने आरती उतारी और प्रसाद ग्रहण किया। पूरे क्षेत्र में राम कथा को लेकर भक्ति और उत्साह का माहौल बना हुआ है।

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