लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चर्चित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड प्लांट में दो अधिकारियों की दिनदहाड़े हत्या के बाद प्रदेश सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए डॉ. बृजेश कुमार सिंह को बदायूं के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पद से हटा दिया है। सरकार ने उन्हें साइडलाइन करते हुए लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय के लॉजिस्टिक विभाग में तैनात कर दिया है।
प्रदेश सरकार ने पड़ोसी जिले कासगंज की पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा को पदोन्नति देते हुए बदायूं का नया एसएसपी नियुक्त किया है।
यह कार्रवाई बदायूं के मूसाझाग क्षेत्र में स्थित एचपीसीएल प्लांट में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड के बाद की गई है, जिसने पूरे प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दिनदहाड़े प्लांट में घुसकर दो अफसरों की हत्या
गुरुवार को एचपीसीएल प्लांट में तैनात डीजीएम सुधीर गुप्ता (55) और असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा (35) की एक हमलावर ने प्लांट परिसर में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
बताया गया कि आरोपी अजय प्रताप सिंह पूर्व में प्लांट से जुड़ा आउटसोर्स कर्मचारी था और पराली सप्लाई का ठेका लेता था। कंपनी द्वारा उसकी फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिए जाने के बाद वह लगातार अधिकारियों को धमकियां दे रहा था।
पहले से दी गई थी जान से मारने की धमकी
मृतक डीजीएम सुधीर गुप्ता ने 4 फरवरी को मूसाझाग थाना में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए जान से मारने की धमकी मिलने की शिकायत की थी। इसके बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
बताया जाता है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण सुधीर गुप्ता इतने भयभीत हो गए थे कि उन्होंने अपने रिटायरमेंट से पांच साल पहले ही वीआरएस की अर्जी दे दी थी, जो मंजूर भी हो चुकी थी। उनका कार्यकाल 31 मार्च को समाप्त होने वाला था।
दूसरी ओर, सहायक प्रबंधक हर्षित मिश्रा ने भी अपना ट्रांसफर कराने के लिए आवेदन कर रखा था, लेकिन उससे पहले ही यह दर्दनाक घटना हो गई।
पुलिस की लापरवाही पर सरकार सख्त
इस पूरे मामले में पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद प्रदेश सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एसएसपी को हटा दिया। वहीं लोगों का मानना है कि यदि समय रहते बदायूं पुलिस बिना राजनैतिक दबाब में पहले ही सख्त कार्रवाई होती तो इस घटना को रोका जा सकता था। सूत्रों के अनुसार घटना की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार सुबह पुलिस ने आरोपी अजय प्रताप सिंह को पकड़ने के दौरान हाफ एनकाउंटर भी किया है, जिसे जनमानस लीपापोती बता रहा है,,
योगी सरकार ने किए 7 आईपीएस अफसरों के तबादले
प्रदेश सरकार ने इस घटना के बाद व्यापक प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 7 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं।
मुख्य तबादले इस प्रकार हैं
- अंकिता शर्मा – एसपी कासगंज से एसएसपी बदायूं
- डॉ. बृजेश कुमार सिंह – एसएसपी बदायूं से एसपी लॉजिस्टिक लखनऊ
- अनूप कुमार सिंह – एसपी फतेहपुर से डीजीपी मुख्यालय संबद्ध
- अभिमन्यु मांगलिक – एसपी भदोही से एसपी फतेहपुर
- ओम प्रकाश सिंह प्रथम – एसपी लॉजिस्टिक से एसपी कासगंज
- अभिनव त्यागी – एएसपी नगर गोरखपुर से एसपी भदोही
- निमिष दशरथ पाटिल – गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट से एएसपी गोरखपुर
इसके साथ ही सरकार ने 7 आईएएस और 4 पीसीएस अधिकारियों के तबादले भी किए हैं, जिससे प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल देखने को मिला है।
कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में निवेश बढ़ाने और बेहतर कानून व्यवस्था का संदेश देने के लिए देश-विदेश में प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में एचपीसीएल जैसे बड़े प्रतिष्ठान में दिनदहाड़े दो वरिष्ठ अधिकारियों की हत्या ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


























