बदायूं: अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद बदायूं एवं संपूर्ण सवर्ण समाज के तत्वावधान में सोमवार को यूजीसी एक्ट / रेगुलेशन्स 2026 के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। परिषद के जिला अध्यक्ष के. बी. गुप्ता के आवाहन पर भामाशाह चौक पर एकत्र हुए कार्यकर्ताओं और समाज के लोगों ने “यूजीसी हाय-हाय” और “काला कानून वापस लो” जैसे नारों के साथ अपना विरोध दर्ज कराया।

विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए के. बी. गुप्ता ने कहा कि यूजीसी रेगुलेशन्स 2026 का दायरा अत्यंत व्यापक है और इसके दुष्परिणाम भविष्य में ब्लैकमेलिंग जैसे आपराधिक कृत्यों के रूप में सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि यूजीसी के नए निर्देश “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” की भावना के विपरीत हैं। राष्ट्र के युवाओं को भेदभाव मुक्त और समान अवसरों वाली व्यवस्था चाहिए, यही आज के समय की राष्ट्रवाणी है, जिसे हर हाल में सुना जाना चाहिए।

वरिष्ठ सवर्ण नेता विनोद गुप्ता ने कहा कि यूजीसी एक्ट 2026 आने वाली पीढ़ियों के लिए काला कानून साबित होगा। यदि आवश्यकता पड़ी तो इसके विरोध में सड़क से लेकर हर स्तर तक आंदोलन किया जाएगा।

हरि कृष्ण वर्मा ने कहा कि यह कानून समाज में जातिगत विषमता को बढ़ावा देगा और युवाओं के बीच जातीय वैमनस्यता उत्पन्न कर कई सामाजिक समस्याओं को जन्म देगा।

जितेंद्र साहू ने अपने संबोधन में कहा कि यूजीसी एक्ट 2026 समाज में जातीयता का जहर घोलकर सामाजिक ताने-बाने को ध्वस्त करने वाला है। उन्होंने सर्व समाज से इस कानून का एकजुट होकर विरोध करने का आह्वान किया।

प्रदर्शन के दौरान अरविंद गुप्ता (एडवोकेट), सुनील कुमार गुप्ता, राहुल रावत और संदीप रस्तोगी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

विरोध प्रदर्शन में रामकृष्ण गुप्ता, रोहित गुप्ता, मुकेश गुप्ता, संजीव सक्सेना, राम कुमार पटेल, विष्णु गुप्ता, कमलेश गुप्ता, सचिन गुप्ता, जितेंद्र साहू, सुनील कुमार गुप्ता, राजेंद्र गुप्ता, आशीष गुप्ता, साकेत गुप्ता, उत्कर्ष गुप्ता सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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