
बदायूं। हिन्दू धर्म के महान रक्षक, खालसा पंथ के जन्मदाता, सरबंस दानी एवं दशम अवतार श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के पावन प्रकाश उत्सव एवं नव वर्ष के उपलक्ष्य में बदायूं नगर में भव्य धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सत्संग सभा, पंजाबी मोहल्ला बदायूं द्वारा श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव से परिपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
प्रभात फेरी का शुभारंभ
13 दिसंबर 2025 (शनिवार) से जारी है जो 23 दिसंबर 2025 (मंगलवार) तक प्रतिदिन प्रातः 5 बजे से नियमित रूप से प्रभात फेरी निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में संगत गुरु महिमा का गुणगान करेगी।
धार्मिक फिल्म का आयोजन
25 दिसंबर 2025 (गुरुवार) को सायं 7:30 बजे से गुरुद्वारा साहिब में एक प्रेरणादायी धार्मिक फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा। फिल्म समाप्ति के पश्चात गुरु का अटूट लंगर संगत में वितरित किया जाएगा।
विशाल नगर कीर्तन (शोभायात्रा)
24 दिसंबर 2025 (बुधवार) को
- प्रातः 10 बजे निशान साहिब को नया चोला पहनाया जाएगा
- इसके पश्चात दोपहर 12 बजे से एक विशाल नगर कीर्तन (शोभायात्रा) नगर के प्रमुख मार्गों से निकाला जाएगा, जो पूरे नगर को गुरु भक्ति के रंग में रंग देगा।
छोटे साहिबजादों की शहादत को समर्पित विशेष आयोजन
26 दिसंबर 2025 (शुक्रवार) को
सायं 6:30 बजे से रात्रि 9:30 बजे तक छोटे साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह जी एवं बाबा फतेह सिंह जी की शहादत की स्मृति में विशेष कीर्तन दरबार आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम उपरांत गुरु का अटूट लंगर बरतेगा।
अखंड पाठ एवं विशेष कीर्तन
27 दिसंबर 2025 (शनिवार)
- प्रातः 7:30 से 10:00 बजे तक श्री अखंड पाठ की समाप्ति, कीर्तन एवं कथा
- सायं 6:30 से रात्रि 11:30 बजे तक शब्द कीर्तन एवं कथा
दोनों सत्रों के बाद गुरु का लंगर प्रसाद वितरित किया जाएगा।
समापन समारोह – शब्द कीर्तन व भंडारा
28 दिसंबर 2025 (रविवार) को श्री वैभव लॉन में प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक शब्द कीर्तन एवं कथा का आयोजन होगा। कार्यक्रम की समाप्ति पर गुरु का अटूट लंगर (भंडारा) आयोजित किया जाएगा।
विशेष रागी एवं कथावाचक
इस पावन उत्सव में विशेष रूप से
- भाई तेजपाल सिंह जी (बीबी कौला जी भलाई केंद्र, अमृतसर)
- भाई हरप्रीत सिंह जी निमाणा (प्रो. सिख मिशनरी कॉलेज, बरेली) द्वारा कीर्तन व कथा सेवा प्रदान की जाएगी।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने नगर व क्षेत्र की समस्त संगत से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर गुरु दरबार में हाजिरी लगाने एवं गुरु का लंगर ग्रहण करने की अपील की है।


























