



बरेली में विद्या भारती द्वारा आयोजित ‘सप्त शक्ति संगम’ कार्यक्रम में समाज के उत्थान, परिवारिक मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण और महिला नेतृत्व की भूमिका पर गहन विचार विमर्श हुआ। कार्यक्रम का आयोजन कुँवर ब्रजमोहन लाल सरस्वती शिशु/विद्या मंदिर, नेकपुर में किया गया, जिसका शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ हुआ।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रोफेसर अजिता सिंह तिवारी (बरेली कॉलेज), मुख्य वक्ता प्रोफेसर नीलम गुप्ता (बरेली कॉलेज), कार्यक्रम अध्यक्षा पार्षद श्रीमती चित्रा मिश्रा, एवं समाजसेविका श्रीमती अर्चना सक्सेना ने किया। विद्यालय के प्रबंधक डॉ. राजीव सक्सेना और प्रधानाचार्य ओमकार गंगवार ने सभी अतिथियों व अभिभावकों का स्वागत किया।कार्यक्रम की जानकारी शिशु शिक्षा समिति ब्रज प्रदेश के जिला मीडिया प्रभारी राजेश कुमार शर्मा ने दी।
कुटुंब प्रबोधन व पर्यावरण संरक्षण से ही समाज का उद्धार : प्रो. नीलम गुप्ता
मुख्य वक्ता प्रो. नीलम गुप्ता ने अपने प्रभावी उद्बोधन में कहा कि “परिवार वह नींव है, जो समाज का वास्तविक स्वरूप निर्धारित करता है। कुटुंब का सशक्त होना ही संस्कृति को जीवित रखता है।”उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर बोलते हुए कहा कि हमारे सभी त्योहार प्रकृति से जुड़े संदेश देते हैं।
“जन्म से मृत्यु तक हम प्रकृति की गोद में पलते-बढ़ते हैं, इसलिए पर्यावरण की रक्षा करना हमारा मूल धर्म होना चाहिए।”
महिलाओं की सशक्त भूमिका से ही देश का विकास संभव : प्रो. अजिता सिंह तिवारी
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रो. अजिता सिंह तिवारी ने महिलाओं की नेतृत्व क्षमता, आत्मरक्षा और मानसिक सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा-“जब महिला सशक्त होती है, तभी परिवार, समाज और देश सशक्त होता है।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा,स्वास्थ्य,उद्यमिता,और घरेलू प्रबंधन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देश को नई दिशा देती है। एक कुशल गृहिणी जब भोजन, भवन, शिक्षा, स्वास्थ्य, भाषा और यात्रा जैसे पहलुओं पर ध्यान देती है, तभी एक मजबूत समाज खड़ा होता है।
संविधान सम्मान और राष्ट्रीय प्रतीकों को संरक्षित रखना हमारा कर्तव्य : चित्रा मिश्रा
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं चित्रा मिश्रा ने कहा कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह भारतीय संविधान और राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करे।
उन्होंने मातृशक्ति को जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
सप्त शक्ति का संकल्प—कीर्ति, लक्ष्मी, वाणी, स्मृति, मेधा, धृति और क्षमा
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती नीतू यादव ने किया। उन्होंने सभी उपस्थित मातृशक्ति को सप्त शक्तियों—कीर्ति, लक्ष्मी, वाणी, स्मृति, मेधा, धृति और क्षमा—को जीवन में उतारने का संकल्प कराया।
प्रश्नोत्तरी, अनुभव कथन और आकर्षक प्रस्तुतियाँ
कार्यक्रम में सुधा जी द्वारा आकर्षक प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई, जिसे मातृशक्ति ने उत्साहपूर्वक सराहा।कई महिलाओं ने अपने अनुभव भी साझा किए।विभिन्न शक्ति रूपों की शानदार प्रस्तुति ने सभागार में उत्साह का संचार किया।
कार्यक्रम की सफलता में टीम का योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की अध्यापिकाओं-
अंशू, दिव्या, त्रिशा, आयुषी, मौसमी, सपना, कीर्ति, धीरज रानी, सुमन, प्रियंका, रूपाली का विशेष योगदान रहा।
व्यवस्थाओं में दिनेश त्रिपाठी, सुधीर कुमार, संजीव अवस्थी, रामानंद शर्मा आदि का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। अंत में श्रीमती सुधा सक्सेना ने सभी अतिथियों एवं मातृशक्ति का आभार व्यक्त किया।


























