



बदायूं। शहर के खेड़ा नवादा स्थित सर्वेश्वर साईं मंदिर के पुजारी मनोज शंखधार की सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने बड़ा खुलासा कर दिया है। नवादा के सर्वेश्वर सांई मंदिर में पुजारी मनोज शंखधार की गला दबाकर कर दी गई थी हत्या,नवादा के सर्वेश्वर सांई मंदिर में हुई पुजारी मनोज शंखधार की हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो आरोपित मृतक मनोज के बड़े भाई के साले हैं जबकि तीसरा आरोपित उनका दूसरा बहनोई है। दोनों ने अपनी छोटी बहन के अवैध संबंध पुजारी से होने के कारण उनकी हत्या कर दी। व मृतक का मोबाइल फोन लूटकर ले गये थे। मृतक के बहनोई सत्येन्द्र मिश्रा की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
नगरीय क्षेत्र में हुई इस सनसनीखेज घटना से स्थानीय लोगो में भय एवं दहशत का माहौल व्याप्त था। खुलासे के लिए एसएसपी ने चार टीमों का गठन किया था। इन टीमो द्वारा घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज देखे गये। फुटेज में रात के वक्त बाइक से दो लोग मंदिर के अंदर आते दिखे थे जबकि एक व्यक्ति मंदिर के अंदर था। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने विशेष कुमार उर्फ छोटू निवासी ग्राम परौर, शाहजहांपुर, नीतेश कुमार निवासी ग्राम परौर, शाहजहांपुर तथा हिमांशुनिवासी ग्राम मनसा नगला थाना उसावां को घटना में लूटे गये दो चांदी के मुकुट व घटना में प्रयुक्त बाइक समेत पकड़ लिया। तीनों पर 25-25 हजार का इनाम भी घोषित किया गया था।
यह घटना बदायूं शहर के सबसे संवेदनशील इलाक़ों में से एक—नवादा पुलिस चौकी से कुछ ही मीटर की दूरी और फायर स्टेशन के ठीक सामने स्थित मंदिर में हुई थी। इतनी सुरक्षित जगह पर हुई इस जघन्य वारदात ने पुलिस की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।घटना के तुरंत बाद एसएसपी बदायूं और बरेली ज़ोन के आईजी मौके पर पहुंचे थे और जल्द खुलासे का वादा किया था। अब पुलिस ने तीन हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया है।
घटना: देर रात पुजारी की गला घोंटकर की हत्या, चांदी के मुकुट लूटे, और सीसीटीवी का DVR भी ले गए थे साथ
हत्यारे मंदिर में घुसे और पुजारी मनोज शंखधार का गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी मंदिर में रखे चांदी के मुकुट और मृतक का मोबाईल भी लूटकर ले गए।सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी मंदिर के CCTV कैमरे का DVR भी उखाड़कर साथ ले गए, ताकि घटना के सभी सबूत खत्म हो जाएं।सुरक्षा की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण इस इलाके में ऐसी घटना होना स्थानीय लोगों के लिए भी बड़ी चिंता का विषय बना था।
पुलिस की साख पर उठे सवाल- एसएसपी और आईजी भी मौके पर पहुंचे थे
चूंकि मंदिर नवादा चौकी और फायर स्टेशन के नज़दीक है, इसलिए-“इतनी बड़ी वारदात पुलिस की नाक के नीचे कैसे हो गई?” इस सवाल ने पुलिस की साख पर गहरे सवाल खड़े किए थे।घटना के बाद बदायूं के एसएसपी और बरेली ज़ोन के आईजी ने मौके पर पहुंचकर जांच तेज़ करने और जल्द खुलासे का आश्वासन दिया था।
हत्याकांड की असली वजह:
जांच में सामने आया है कि—पुजारी मनोज शंखधार का अपने बड़े भाई की साली के साथ प्रेम संबंध था।तीन साल पहले मनोज की भाभी का निधन हो गया था।इसके बाद वह अपनी भाभी की छोटी बहन से शादी करना चाहता था।लेकिन लड़की के परिजनों ने इसका कड़ा विरोध किया।इसी रंजिश व पारिवारिक तनाव की वजह से उसके बड़े भाई के सालों ने अपने दूसरे वहनोई के साथ मिलकर हत्या की योजना बना डाली।चोरी और लूटपाट की कहानी सिर्फ पुलिस को भ्रमित करने के लिए रची गई थी।
कातिलों ने पहले हत्या की, फिर CCTV का DVR उखाड़कर ले गए
पुलिस के अनुसार, पूरा अपराध पूर्व-नियोजित था: पहले हत्या की गई,फिर चांदी के मुकुट लूटे और अंत में DVR निकालकर साथ ले गए ताकि कोई सबूत न बचे लेकिन पुलिस की जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपी पकड़ लिए गए।
पुलिस का दावा “बहुत जल्द आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में मजबूत चार्जशीट दाखिल की जाएगी”
एसएसपी का कहना है कि—“यह एक बेहद संवेदनशील मामला था। टीम ने लगातार मेहनत कर सभी आरोपियों को पकड़ लिया है। तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट में मजबूत केस तैयार किया जा रहा है।


























