बिल्सी। नगर के बहुप्रतीक्षित रोडवेज बस स्टेशन का निर्माण कार्य चार महीने पहले पूर्ण हो चुका है, लेकिन अब तक इसका उद्घाटन न होना स्थानीय जनता के बीच आक्रोश और सवाल दोनों को जन्म दे रहा है। करोड़ों रुपए की लागत से बने इस आधुनिक बस स्टेशन की इमारत आज भी “सफेद हाथी” की तरह खड़ी है — न यात्रियों की सुविधा के लिए खुली, न संचालन के लिए हरी झंडी मिली।

क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग पर स्थानीय विधायक हरीश शाक्य ने इस परियोजना को मंजूरी दिलाई थी। खैरी मार्ग पर बने इस बस स्टेशन के लिए शासन से ₹2 करोड़ 25 लाख 40 हजार की धनराशि स्वीकृत हुई थी। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड को दी गई थी, जिसने निर्धारित समय सीमा में काम पूरा कर दिया।

लेकिन अब जब भवन तैयार होकर प्रशासन को सौंपे जाने के इंतजार में है, विभागीय तालमेल की कमी और अधिकारियों की निष्क्रियता के चलते यह परियोजना उद्घाटन के बिना अधर में लटकी हुई है।

जनता पूछ रही — उद्घाटन क़े लिए आखिर किसका इंतजार ?

नगरवासियों का कहना है कि गर्मी, बरसात और अब त्योहारी सीजन — सब बीत गए, लेकिन बस स्टेशन के द्वार नहीं खुले। यात्रियों को आज भी पुराने असुविधाजनक स्थानों से बसों में सवार होना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि —

“जब बिल्डिंग तैयार है, सड़क जुड़ी हुई है, तो फिर उद्घाटन में देरी आखिर क्यों? क्या जनता की सुविधा से बड़ा कोई राजनीतिक एजेंडा रह गया है?”

प्रशासनिक कार्यशैली पर उठे सवाल

सूत्रों के मुताबिक बस स्टेशन की इमारत का हस्तांतरण प्रक्रिया पूरी न होने के कारण बस स्टेशन का संचालन शुरू नहीं किया जा सका है। लेकिन यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर चार महीने से फाइलें किस मेज पर अटकी हैं?
क्या यह देरी महज़ विभागीय लापरवाही है, या फिर जानबूझकर टाला जा रहा है ताकि किसी खास मौके पर उद्घाटन कर राजनीतिक लाभ उठाया जा सके?

विधायक पर भी उठे सवाल — संज्ञान क्यों नहीं ले रहे?

इस पूरे मामले में विधायक हरीश शाक्य की भूमिका भी अब सवालों के घेरे में है। जिस बस स्टेशन की मंजूरी उन्होंने खुद दिलाई थी, आज वही परियोजना उनकी ही निगरानी में धूल खा रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर विधायक वाकई जनता के प्रतिनिधि हैं, तो उन्हें स्वयं मौके पर जाकर यह देखना चाहिए कि आखिर कार्य में देरी का कारण क्या है। लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

जनता की आवाज़ — “जल्द खुले बस स्टेशन के दरवाजे”

क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह बस स्टेशन न केवल बिल्सी नगर के लिए बल्कि आसपास के कस्बों और ग्रामीण यात्रियों के लिए भी सुविधा का बड़ा केंद्र बनेगा।यदि जल्द उद्घाटन नहीं हुआ तो जनता इस मुद्दे को लेकर जन आंदोलन या धरना-प्रदर्शन तक कर सकती है

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