बिल्सी विधायक हरीश शाक्य ने भी किया कथा का रसपान

बिल्सी नगर स्थित सिद्धपीठ श्रीबालाजी धाम के तत्वावधान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का पंचम दिवस आज भक्तिभाव से ओतप्रोत रहा।
जगतगुरु रामानुजाचार्य श्री रामचन्द्राचार्य जी महाराज ने अपने दिव्य प्रवचन में बताया –

“भगवान का नाम इतना शक्तिशाली है कि दुष्ट से दुष्ट और पापी से पापी भी यदि भावपूर्वक उसका जाप कर ले, तो भवसागर से पार हो जाता है। परंतु शर्त यही है कि वह निश्चय कर ले कि अब पाप नहीं करेगा।”

पूज्य स्वामी जी महाराज ने शास्त्रों के आधार पर समझाया कि –
“करोड़ों ब्रह्महत्या जैसे पाप भी क्षम्य हैं यदि व्यक्ति सच्चे मन से भगवान की शरण में आ जाए। हर युग में जब अधर्म बढ़ता है और धर्म डगमगाने लगता है, तब भगवान स्वयं अवतार लेकर धर्म की पुनः स्थापना करते हैं।”

कथा में पहुंचे विधायक

आज कथा स्थल पर बिल्सी विधायक हरीश शाक्य भी पहुँचे। उन्होंने संत समाज और श्रद्धालुओं के मध्य बैठकर अमृतमयी कथा का रसपान किया। विधायक के साथ नगर व क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

दिव्य रथ के दर्शन और कथा सुनने को भक्तों की जुट रही भारी भीड़,

विदित हो कि कथा के आयोजक व मुख्य श्रोता श्री बालाजी महाराज जी प्रतिदिन सिद्धपीठ से दिव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण करते हुए कथा स्थल पहुँचते हैं।
दिन प्रतिदिन कथा पांडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भर रहा है। न केवल नगर व आसपास के गाँवों से, बल्कि गाजियाबाद, नोएडा, बरेली, मुरादाबाद, कासगंज, एटा, शाहजहांपुर, पीलीभीत, गजरौला और दादरी तक से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुँचकर भागवत कथा का रसपान कर रहे हैं।

व्यवस्था का अद्भुत उदाहरण

सिद्धपीठ के महंत मटरूमल शर्मा (महाराज) स्वयं रखते हैं इतने बड़े आयोजन और कथा पंडाल की व्यवस्था का ध्यान।

  • वर्षा ऋतु के चलते पंडाल को वाटरप्रूफ टेंट लगवाया गया है।
  • भक्तों के लिए ज़मीन पर बैठने मे परेशानी न हो इसके लिए आरामदायक गद्दे बिछाए गए हैं।
  • बुजुर्ग व असहाय श्रद्धालुओं के बैठने के लिए सोफे व कुर्सियों की व्यवस्था की गई है
  • पंडाल में शीतलता बनी रहे इसके लिए महाराज जी द्वारा 50 पंखे व 20 बड़े बड़े कूलरों को लगाकर वातावरण को शीतल बनाया गया है।
  • इन आरामदायक सोफे-कुर्सियाँ और सुगंधित इत्र की छिड़काव ने पूरे कथा स्थल के वातावरण को दिव्य बना दिया है

प्रसाद की विशेषता

कथा के बाद प्रतिदिन भक्तों को शुद्ध देशी घी से बने व्यंजन का प्रसाद वितरण किया जाता है। छोटे बच्चों के लिए अलग से लाइन लगवाकर प्रसाद दिया जाता है ताकि कोई असुविधा न हो और हर भक्त बालाजी की कृपा का अनुभव कर सके।

बड़ा प्रश्न

इतने बड़े स्तर पर धार्मिक कथा के आयोजन और श्रद्धालुओं की अपार आस्था यह दिखाती है कि बिल्सी की धरा कितनी धार्मिक और संस्कारित है।
परंतु सवाल यह भी उठता है कि –
जब लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं, तो क्या स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस नगर की धार्मिक पहचान को आगे बढ़ाने के लिए कोई ठोस पहल करेंगे?
क्या ऐसी स्थायी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी जिससे बिल्सी एक धार्मिक-पर्यटन केंद्र के रूप में पूरे प्रदेश में पहचाना जाए?

प्रमुख उपस्थितजन

इस अवसर पर महंत मटरूमल शर्मा महाराज, विधायक हरीश शाक्य, मोहित गुप्ता, आदित्य माहेश्वरी, विकास माहेश्वरी, अमित शर्मा, अनुराग शाक्य, विनेश फौजी, संजीव शर्मा, यश भारद्वाज, रेनू शर्मा, डॉ. राजा बाबू वार्ष्णेय, पं. गोरेलाल शर्मा, आशीष वशिष्ठ समेत सैकड़ों श्रद्धालु और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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