बिल्सी।नगर पालिका परिषद बिल्सी की लापरवाही और नगर की सोई हुई जनता तथा निष्क्रिय जनप्रतिनिधियों के कारण आज भी नगर के मुख्य बाजारों में लघुशंका के लिए कोई भी सार्वजनिक मूत्रालय उपलब्ध नहीं है। इस वजह से दुकानदारों सहित दूरदराज़ एवं आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों से शॉपिंग के लिए आने वाले महिला-पुरुष भारी परेशानियों का सामना करने को मजबूर हैं।
महिलाओं और बाहर से आने वालों को सबसे ज्यादा दिक्कत
नगर के दुकानदार तो इस ज्वलंत समस्या के शिकार हैं ही, लेकिन देहात क्षेत्र से आने वाले लोग खासकर महिलाएं अत्यधिक परेशानी झेलने को मजबूर हैं। शर्मिंदगी और असुविधा के कारण लोग अक्सर बाजार से जल्दी लौटने को विवश हो जाते हैं।
पांच साल पहले बने शौचालय भी बंद
जानकारी के मुताबिक करीब पांच वर्ष पूर्व मुख्य बाजार में पालिका परिषद ने दो मूत्रालय बनवाए थे। लेकिन पालिका प्रशासन की उदासीनता और आर्थिक मिलीभगत के चलते ये शौचालय बंद पड़े हैं। मौजूदा समय में पूरे दो किलोमीटर लंबे बाजार क्षेत्र में केवल नगर पालिका कार्यालय परिसर का एक मूत्रालय संचालित है, ताकि पालिका कर्मियों को असुविधा न हो। लेकिन यह भी गंदगी और बदइंतज़ामी का शिकार है।
प्रशासन, जनप्रतिनिधि और जनता – तीनों जिम्मेदार
इस गंभीर समस्या के लिए जहां पालिका प्रशासन सीधे तौर पर जिम्मेदार है ही, वहीं नगर के जनप्रतिनिधियों का ढुलमुल रवैया भी उतना ही बड़ा दोषी है। स्थानीय व्यापारी और प्रबुद्ध वर्ग इस मूलभूत सुविधा के अभाव को सहने के आदी हो चुके हैं। आवाज उठाने के बजाय चुप्पी साध लेना नगर की सोई हुई जनता की भी जिम्मेदार बनाता है। यही कारण है कि बाहर से आने वाले आम आदमी को रोज़ाना शर्मिंदगी और दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं।


























