
बिल्सी। बिल्सी की 30 वर्षीय शबाना का शव हादसे के करीब 24 घंटे बाद फिरोजाबाद जिले के नहर में तैरता हुआ मिला। शव मिलने की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पूरे मोहल्ले में ग़म का माहौल छा गया।
गुरुवार को बिल्सी कस्बा निवासी शान-ए-आलम अपनी पत्नी शबाना और बच्चों के साथ एटा जनपद की मशहूर मारहरा दरगाह शरीफ पर चादर चढ़ाने गए थे। लौटते समय शाम करीब 7 बजे कासगंज जनपद के नदरई स्थित हज़ारा नहर के पिकनिक पॉइंट पर कुछ देर के लिए रुके। वहां बड़े बेटे नूर-ए-आलम की फ़रमाइश पर शबाना सेल्फी लेने लगीं। इसी दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वह तेज बहाव वाली नहर में गिर गईं।
घटना के तुरंत बाद पुलिस और गोताखोरों की टीम ने रातभर तलाश अभियान चलाया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। शुक्रवार शाम लगभग 4 बजे फिरोजाबाद जनपद स्थित जेडा झाल के पास ग्रामीणों ने नहर में एक महिला का शव बहता देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
थाना प्रभारी रमित आर्य ने बताया कि शव की पहचान शबाना के रूप में हुई है। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है।
शबाना के दो छोटे बच्चे हैं—6 वर्षीय नूर-ए-आलम और 4 वर्षीय हसन राजा। मां के शव की खबर सुनते ही बच्चों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई है।


























