बिल्सी (बदायूं): नगर में हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटान को लेकर स्थानीय सामाजिक संगठन अरिहंत वृक्षारोपण समिति के पदाधिकारियों ने सोमवार को उपजिलाधिकारी बिल्सी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने पर्यावरण एवं वन मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना से मामले का संज्ञान लेने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया कि नगर पालिका परिषद बिल्सी और बन विभाग सहसवान रेंज के अधिकारियों द्वारा नियमों को दरकिनार करते हुए नगर के कछला रोड स्थित रंजना हॉस्पिटल से लेकर गांधी पार्क तक सड़क के दोनों ओर लगे सरकारी यूकेलिप्टस के पेड़ों की अवैध नीलामी कर दी गई और लकड़ी ठेकेदारों को कटान की अनुमति दे दी गई।
उपजिलाधिकारी द्वारा जांच पूरी होने तक पेड़ों की कटान पर रोक का आदेश पहले ही दिया जा चुका था, लेकिन इसके बावजूद 8 से अधिक पेड़ों की कटान कर ठेकेदार फरार हो गए।
समिति का कहना है कि उक्त पेड़ वन विभाग के अधीन आते हैं, और पूर्व में भी इन पर वन विभाग की अनुमति से ही कार्य हुआ है।
- 24 जनवरी 2025 को श्री महेश बाल विद्या मंदिर के सामने सूखे पेड़ को काटा गया था, जिसकी लकड़ी C1 परिकाष्ठ में दर्ज कर रेंज कार्यालय सहसवान भेजी गई थी।
- 15 अक्टूबर 2024 को रंजना हॉस्पिटल के पास हुए कटान में सीसीएफ बरेली की उड़नदस्ता टीम ने कार्रवाई की थी।
समिति ने सवाल उठाया कि जब वन विभाग ही इस मार्ग की निगरानी करता रहा है, तो नगर पालिका परिषद बिल्सी किस आदेश के तहत इन पेड़ों की नीलामी कर सकती है? यह सीधा शासनादेश का उल्लंघन है।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि पेड़ों की नीलामी और कटान आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए और जो भी अधिकारी या ठेकेदार इसमें शामिल हैं, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से –
मृगांक जैन, प्रशांत जैन (संस्थापक), देव ठाकुर, अनुज वार्ष्णेय, पीयूष वार्ष्णेय सहित अन्य पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।


























