प्रभु श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की झांकियों पर झूमे श्रद्धालु

बदायूं। आदर्श नगर स्थित धर्मप्रेमियों के सहयोग से चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में चौथे दिन का आयोजन अत्यंत भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण में सम्पन्न हुआ। सुबह की बेला में संपन्न महालक्ष्मी यज्ञ का संचालन प्रसिद्ध यज्ञाचार्य आचार्य सुरेंद्र कुमार भारद्वाज (नरवर वाले) के वैदिक मंत्रों के साथ सम्पन्न हुआ, जिसमें राजकीय ठेकेदार अवनीश गुप्ता यजमान बने।

वृंदावन धाम से पधारे सुप्रसिद्ध भागवत भूषण धनवंतरी जी महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर श्रद्धालुओं को समुद्र मंथन, वामन अवतार, श्रीराम और श्रीकृष्ण जन्म के प्रसंगों की सरस व्याख्या करते हुए कहा:

“यदि मनुष्य सुख और दुःख दोनों परिस्थितियों में ईश्वर का स्मरण करता है, तो जीवन के समस्त कष्ट स्वतः दूर हो जाते हैं।’’

धनवंतरी महाराज ने समुद्र मंथन प्रसंग के माध्यम से समझाया कि जब देवताओं और असुरों ने एक समान प्रयास किए, तो अमृत केवल देवताओं को मिला – यह उनके विश्वास और आस्था का प्रतिफल था। वामन अवतार की कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि हर प्राणी को अपने जीवन के लक्ष्य को पाने हेतु गुरु की वाणी पर पूर्ण विश्वास रखना चाहिए।

रामकथा के संक्षिप्त वर्णन में उन्होंने प्रभु श्रीराम के चरित्र की विशेषताएं उजागर करते हुए कहा कि उन्होंने अपने गुरु, माता-पिता और समाज के प्रति आदर्श आचरण प्रस्तुत किया, जो आज के युग में भी प्रासंगिक है।

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के प्रसंग पर कथा स्थल ‘नंद घर आनंद भयो’ जैसे भजनों से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबकर नृत्य और झांकियों के माध्यम से कृष्ण जन्म का स्वागत करते नजर आए।

इस अवसर पर ये प्रमुख श्रद्धालु रहे उपस्थित:
यज्ञ आचार्य सुरेंद्र कुमार भारद्वाज, सत्यम मिश्रा, गोपाल शर्मा, शशांक गुप्ता, सुमित गुप्ता, उत्कर्ष गुप्ता, आयुष भारद्वाज, देव, अमोल शर्मा, कमलेश गुप्ता, दिनेश गुप्ता, रविंद्र उपाध्याय, दिनेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी जन श्रद्धा से भक्ति में लीन रहे।

कथा आयोजक गोपाल शर्मा ने बताया कि यह कथा 26 अप्रैल तक प्रतिदिन शाम 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक होगी और सभी धर्मप्रेमियों से इसमें भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित करने का आग्रह किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here