बदायूं, 17 दिसंबर।
बदायूं के चर्चित नीलकंठ महादेव बनाम जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी मामले में आज सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश अमित कुमार की अदालत में सुनवाई होनी है। इस मामले में मुस्लिम पक्ष अपनी बहस पेश करेगा।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला साल 2022 में शुरू हुआ था, जब अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश संयोजक मुकेश पटेल ने दावा किया था कि जामा मस्जिद के अंदर नीलकंठ महादेव मंदिर स्थित है। इस दावे को मस्जिद की इंतजामिया कमेटी ने खारिज किया था।
सरकारी वकील की बहस पहले ही पूरी हो चुकी है। इस दौरान पुरातत्व विभाग की रिपोर्ट भी अदालत में पेश की गई थी। अब इंतजामिया कमेटी की बहस इस मुद्दे पर केंद्रित है कि क्या यह मामला अदालत में सुनवाई योग्य है।
पिछली सुनवाई स्थगित
इस मामले की पिछली सुनवाई 10 दिसंबर को होनी थी, लेकिन बार के वरिष्ठ अधिवक्ता के निधन के चलते वकीलों ने शोक स्वरूप न्यायिक कार्य नहीं किया। इस कारण सुनवाई स्थगित कर दी गई थी।
महत्वपूर्ण बिंदु
- सरकारी वकील की बहस पूरी: सरकारी पक्ष ने अपनी दलीलें पेश कर दी हैं।
- पुरातत्व विभाग की रिपोर्ट: यह रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत हो चुकी है।
- मुस्लिम पक्ष की बहस जारी: यह बहस इस पर केंद्रित है कि मामला सुनवाई योग्य है या नहीं।
- पिछली तारीखें: 30 नवंबर को मुस्लिम पक्ष ने अपनी बहस शुरू की थी, लेकिन यह 3 दिसंबर और 10 दिसंबर को भी पूरी नहीं हो सकी।
आज का महत्व
आज का दिन बदायूं के लिए अहम है, क्योंकि इस मामले में अदालत यह तय करेगी कि यह केस आगे बढ़ेगा या नहीं। इसके साथ ही, वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद विवाद और इलाहाबाद हाईकोर्ट में संभल हिंसा के आरोपियों के पोस्टर सार्वजनिक जगहों पर लगाने को लेकर सुनवाई भी आज होनी है।
जनता की नजरें कोर्ट पर
बदायूं में यह मामला बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय लोगों और धार्मिक संगठनों की निगाहें अदालत के फैसले पर टिकी हुई हैं। कोर्ट का फैसला इस बात पर प्रभाव डालेगा कि यह मामला कितना आगे बढ़ सकता है और इससे संबंधित पक्षों की दलीलें कितनी मजबूत हैं।

























