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बदायूं: ठेकेदारों का धरना जारी, जल्दबाजी में लिए गए निर्णयों का विरोध

बदायूं, 16 दिसंबर।
कॉन्टैक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के ठेकेदारों का धरना आज लगातार दूसरे दिन भी बदायूं लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड पर जारी रहा। ठेकेदारों ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन द्वारा जल्दबाजी में लिए गए निर्णयों का कड़ा विरोध किया।

मुख्य मांगें और विरोध के कारण

  1. नियमों का सही पालन:
    • बिना स्वीकृति और बिना SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) जारी किए निविदाएं आमंत्रित की जा रही हैं।
  2. 5 वर्षीय अनुरक्षण प्रणाली का विरोध:
    • ग्रामीण सड़कों पर 5 वर्षीय अनुरक्षण व्यवस्था लागू करना अव्यवहारिक बताया गया।
    • ठेकेदारों ने सवाल उठाया कि ग्रामीण मार्गों पर क्रेस्ट मोटाई मात्र 2 सेंटीमीटर होती है, ऐसे में 5 वर्ष तक अनुरक्षण कैसे संभव होगा?
    • जलभराव के कारण कस्बों और बाजारों में सड़कें खराब हो जाती हैं, उनका अनुरक्षण कैसे किया जाएगा?
    • ठेकेदारों ने मांग की कि PMGSY (प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना) पैटर्न को अपनाया जाए और उसी दर पर कार्य कराया जाए।
  3. भुगतान में देरी:
    • कोषागार प्रणाली के कारण पार्ट-2 और पार्ट-5 का भुगतान न होना।
    • डिपॉजिट मद, बिटुमिन बुकिंग और लैप्स हुई धनराशि का भुगतान लंबित रहना।
  4. 12 सितंबर के ज्ञापन पर कार्रवाई न होना:
    • ठेकेदारों ने 12 सितंबर को प्रदेश के सभी जोन में छह सूत्रीय मांगों को लेकर धरना और ज्ञापन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

धरना और बहिष्कार की चेतावनी

कॉन्टैक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने स्पष्ट कहा कि जब तक ठेकेदारों की मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक निविदा बहिष्कार जारी रहेगा।

ढेकेदार संघ के पदाधिकारीयों का कहना है कि जल्दबाजी में लिए गए फैसलों से सड़कों की गुणवत्ता प्रभावित होगी। हमारी मांग है कि PMGSY पैटर्न को लागू किया जाए और भुगतान की प्रक्रिया में सुधार हो।

धरने में शामिल ठेकेदारों की एकजुटता

धरने के दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में ठेकेदारों ने भाग लिया। धरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, लेकिन ठेकेदारों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।ठेकेदारों ने प्रशासन से तत्काल सुनवाई और समाधान की मांग की है।

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