बदायूं जिले में गौवंशों की हालत खराब होती जा रही है। जिले के कई ग्राम पंचायतों में बनाए गए गौशालाओं में गौवंशों की दुर्दशा पर प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ, पीपुल फॉर एनिमल्स के जिला हेड और पेटा इंडिया के सदस्य विकेंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी और लापरवाही के चलते गौवंशों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। विकेंद्र शर्मा का कहना है कि कई बार जिलाधिकारी को अवगत कराने के बावजूद संबंधित अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
गौशालाओं में गौवंशों की दयनीय स्थिति
बदायूं के गौशालाओं में गंभीर समस्याएं बनी हुई हैं। कहीं कुत्तों के हमले में गौवंश मारे जा रहे हैं, तो कहीं पर्याप्त भोजन न मिलने से उनकी जान जा रही है। विकेंद्र शर्मा ने अपने पत्र में बताया कि गौशालाओं में रह रहे गौवंशों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। इसके बावजूद, ग्राम सचिव, प्रधान और खंड विकास अधिकारी इन मामलों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। विकेंद्र ने कहा कि मुख्य पशु चिकित्साधिकारी भी पूरी तरह निष्क्रिय बने हुए हैं और उनके निर्देशन में काम करने वाले पशु चिकित्सक भी गौशालाओं का निरीक्षण नहीं कर रहे हैं।
प्रशासन की निष्क्रियता पर विकेंद्र शर्मा की नाराजगी
विकेंद्र शर्मा का कहना है कि योगी आदित्यनाथ सरकार से गौवंशों के संरक्षण की उम्मीदें थीं, लेकिन इस प्रशासनिक लापरवाही ने सभी उम्मीदें तोड़ दी हैं। उन्होंने कहा कि गौवंशों की दुर्दशा में किसी प्रकार का सुधार नहीं हुआ है; पहले कत्लखानों में मरते थे, अब गौशालाओं में मारे जा रहे हैं। विकेंद्र का आरोप है कि यदि कोई गौवंश अवैध कत्लखानों में मरे तो सरकार त्वरित कार्रवाई करती है, लेकिन जब यही गौवंश सरकारी गौशालाओं में मर रहे हैं, तो मामलों को दबा दिया जाता है। उन्होंने निष्पक्ष कार्यवाही की मांग की है ताकि जिम्मेदार अधिकारियों पर उचित कार्रवाई हो सके।
जिलाधिकारी और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पर उठे सवाल
विकेंद्र शर्मा ने जिलाधिकारी और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिले में गौवंशों की जान जा रही है, लेकिन इनकी ओर से किसी भी तरह की सक्रियता देखने को नहीं मिल रही। शर्मा का कहना है कि उन्होंने कई बार जिलाधिकारी को सूचित किया है, परन्तु कार्यवाही के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जाती है। शर्मा ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप कर बदायूं की जिलाधिकारी को निर्देशित करें कि वे गौशालाओं की स्थिति पर गंभीरता से ध्यान दें।
तीन गौशालाओं की स्थिति की जानकारी दी गई
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में विकेंद्र शर्मा ने बदायूं जिले की तीन गौशालाओं की विशेष घटनाओं का उल्लेख किया है:
- ग्राम गढ़ी, ब्लॉक अंबियापुर, बदायूं – यहां गौवंशों की हालत बेहद दयनीय बताई गई है।
- ग्राम बांस बरौलिया, ब्लॉक अंबियापुर, बदायूं – यहां गौशाला में भूख और देखभाल के अभाव में कई गौवंशों की मृत्यु हुई है।
- ग्राम गुरगांव, ब्लॉक जगत, बदायूं – इस गौशाला में भी गायों की दुर्दशा का हाल चिंताजनक है।
मुख्यमंत्री से कड़ी कार्रवाई की मांग
विकेंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि इस मामले में तत्काल संज्ञान लिया जाए और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। शर्मा ने अनुरोध किया है कि जिलाधिकारी बदायूं को निर्देशित किया जाए कि वे गौशालाओं का निरीक्षण कर स्थिति में सुधार लाने हेतु कदम उठाएं।
बदायूं के नागरिकों और पशु प्रेमियों का मानना है कि यदि सरकार ने समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो गौवंशों की स्थिति में सुधार की कोई संभावना नहीं बचेगी। विकेंद्र शर्मा ने आशा जताई है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस विषय पर संजीदा होकर उचित कदम उठाएंगे।

























