बदायूं जिले में सट्टेबाजों और पुलिसकर्मियों के कथित गठजोड़ पर सख्त कार्रवाई करते हुए SSP डॉ. बृजेश सिंह ने पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल किया है। शहर में सट्टेबाजी के बढ़ते मामले और इस अवैध गतिविधि में पुलिस की संलिप्तता के संदेह के चलते कई पुलिसकर्मियों का तबादला किया गया है। कार्रवाई के दायरे में कोतवाली और सिविल लाइंस थाने के पुलिसकर्मी आए हैं, जिसमें 45 से अधिक पुलिसकर्मियों का तबादला शामिल है। खासकर कोतवाली का ड्राइवर योगेश को लाइन हाजिर किया गया है, जबकि नवादा चौकी इंचार्ज सुमित चौधरी जिनकी कार्यशैली लगातार विवादों मे रही और सोथा चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र सिंह का सट्टेबाजों को खुला संरक्षण देने के चलते देहात थानों में स्थानांतरित किया गया है।
सट्टेबाजों के साथ गठजोड़ का खुलासा
शहर में लंबे समय से सट्टेबाजी का अवैध धंधा चल रहा था, लेकिन पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न होने के चलते जनता में आक्रोश बढ़ रहा था। हाल ही में लालपुल क्षेत्र के नाहर खां सराय इलाके में दिवाकर साहू नामक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। बताया गया कि दिवाकर ने सट्टेबाजों के खिलाफ शिकायत की थी, लेकिन पुलिस की ओर से सट्टेबाजों को संरक्षण मिलने के कारण इस शिकायत पर ध्यान नहीं दिया गया। हत्या की वारदात के बाद पुलिस और सट्टेबाजों के गठजोड़ का मामला उजागर हुआ, जिससे SSP ने सख्त कदम उठाए हैं।
प्रमुख बदलाव और तबादले
SSP के आदेश पर कोतवाली का ड्राइवर योगेश को लाइन हाजिर किया गया है, जो कोतवाली के अन्य कर्मियों के बीच एक कड़ा संदेश है। इसके अलावा, नवादा चौकी इंचार्ज सुमित चौधरी को कुंवरगांव थाने स्थानांतरित किया गया, और सोथा चौकी प्रभारी धर्मेंद्र सिंह को उसहैत थाने भेजा गया है। बताया जाता है कि धर्मेंद्र सिंह पर सट्टेबाजों को खुला संरक्षण देने का आरोप था, जिससे जिले में सट्टेबाजी की गतिविधियाँ बेखौफ तरीके से चल रही थीं।
सट्टेबाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश
इस कार्रवाई के दौरान SSP ने न केवल पुलिसकर्मियों के तबादले किए हैं बल्कि सट्टेबाजों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल पाए गए पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। SSP का कहना है कि जिले में सट्टेबाजी के धंधे को जड़ से समाप्त करने के लिए वह हर संभव प्रयास करेंगे।
सिविल लाइंस और कोतवाली थानों पर विशेष फोकस
इस बार तबादलों की लिस्ट में खासतौर से सिविल लाइंस और सदर कोतवाली थाने के पुलिसकर्मियों पर फोकस किया गया है। बताया जा रहा है कि इन थानों के कुछ पुलिसकर्मी सट्टेबाजों के संपर्क में थे और उन्हें संरक्षण प्रदान कर रहे थे। SSP ने इस गठजोड़ को तोड़ने के लिए पुलिसकर्मियों के पदस्थापन स्थानों में बदलाव किया है और रूटीन प्रक्रिया के नाम पर भी कुछ स्थानांतरण किए गए हैं।
पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
एसएसपी की इस कार्रवाई से जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जो पुलिसकर्मी इस अवैध गतिविधि में संलिप्त पाए गए हैं, उनके खिलाफ आगे भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। SSP ने चार इंस्पेक्टर, 15 सब-इंस्पेक्टर, 40 हेड कॉन्स्टेबल और कांस्टेबलों का तबादला किया है।
जनता की प्रतिक्रिया
शहर के लोग SSP की इस सख्त कार्रवाई का स्वागत कर रहे हैं। कई लोगों ने कहा कि सट्टेबाजी के कारण परिवार बर्बाद हो रहे थे और पुलिसकर्मियों के गठजोड़ के कारण जनता को न्याय नहीं मिल पा रहा था। अब उम्मीद है कि SSP की इस कार्रवाई के बाद जिले में कानून व्यवस्था सुदृढ़ होगी और सट्टेबाजी पर लगाम लगेगी।
भविष्य में और कड़ी कार्रवाई की संभावना
एसएसपी ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि जिले में कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा।

























