बिल्सी। नगर के सिद्धपीठ श्री बालाजी धाम में महंत मटरुमल शर्मा महाराज के नेतृत्व में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का आज सातवां दिन था। इस अवसर पर जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री रामचन्दाचार्य जी महाराज ने उपस्थित भक्तों को दिव्य प्रवचन दिया, जिसमें उन्होंने प्रकृति और भगवान के अद्भुत संबंध पर प्रकाश डाला।

सिद्ध पीठ श्री बालाजी धाम बिल्सी के महंत श्री मटरू माल शर्मा महाराज के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद भागवत कथा मे नैमिषारण्य से पधारे परम पूज्य जगतगुरु स्वामी श्री रामचंद्राचार्य जी महाराज के मुखारविंद से दिव्य भागवत कथा ज्वाला प्रसाद जैन स्कूल में चल रही है इस कथा में श्री स्वामी जी के साथ पधारे आचार्य हरिओम मिश्रा प्रात : नित्य प्रति श्री बालाजी धाम में बड़े ही विधि विधान से पूजन करा रहे हैं जिसमें भारी संख्या में भक्त लोग सम्मिलित होकर पूजापाठ कर रहे है यह अनुष्ठान कथा के अंतिम दिवस तक प्रतिदिन पूजन के साथ अनुष्ठान चलता है हरिओम मिश्रा जी ने बताया कि भागवत कथा में यह पूजन और अनुष्ठान होना बहुत जरूरी है और इस दौरान उन्होंने बड़े ही विधि विधान से गोपाल जी का अभिषेक भी कराया।

स्वामी जी ने अपने प्रवचन में कहा, “पूरी प्रकृति भगवान का ही स्वरूप है।” उन्होंने समझाया कि भगवान की नाभि के ऊपर और नीचे के अंगों के माध्यम से लोग एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। स्वामी जी ने भक्तों को यह भी बताया कि भगवान का ध्यान करने के लिए पूरे ब्रह्मांड में भगवान का दर्शन करना आवश्यक है।

उन्होंने कहा, “अपनी इंद्रियों से भगवान का गुणगान करना चाहिए।” उन्होंने भक्तों को भगवान का नाम संकीर्तन करने, पैरों से भगवान की परिक्रमा करने, आंखों से भगवान का दर्शन करने और कानों से भगवान की कथा सुनने के लिए प्रेरित किया। “जो इस प्रकार भगवान की भक्ति करता है, वह भगवान का प्रिय भक्त होता है,” स्वामी जी ने स्पष्ट किया।

कथा के आयोजन विभिन्न स्थानों, दिल्ली, दादरी,हापुड़ बरेली, चंदौसी, इस्लामनगर, बिसौली, बजीरगंज, बदायूं, उझानी, कछला, सहसवान, दातागंज, अलापुर, से सैकड़ों भक्त रोजाना कथा सुनने के लिए बिल्सी पहुंच कर कथा का श्रवण कर रहे हैं ।

इस धार्मिक आयोजन में नगर के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के कथा प्रेमी भी भारी संख्या में कथा श्रवण कर पुण्य लाभ ले रहे हैं,जिनमें बिल्सी नगरपालिका अध्यक्ष ज्ञान देवी सागर, बालाजी धाम के महंत मटरूमल शर्मा महाराज, शांति देवी शर्मा, प्रदीप शर्मा, संजीव शर्मा, और कई अन्य प्रमुख व्यक्ति शामिल थे।

महंत मटरूमल शर्मा महाराज ने सभी भक्तों से अपील करते हुए हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में सद्भाव और एकता का संदेश फैलता है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे अपनी जीवन में भक्ति और स्वच्छता को शामिल करें, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।

इस कथा का आयोजन 20 सितम्बर से 27 सितंबर तक किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य लोगों को भगवान कि भक्ति के प्रति जागरूक करना है। स्वामी जी के प्रवचन से सभी भक्तों में नई ऊर्जा और प्रेरणा प्राप्त हो , और वे अपने-अपने घरों में भी भगवान की भक्ति कर अपना जीवन का उद्धार करें ।

इस प्रकार, श्रीमद् भागवत कथा का यह सातवां दिन न केवल भक्तों के लिए प्रेरणादायक रहा, समाज में एकजुटता और भक्ति का संदेश भी फैलाने में सफल रहा।

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