



बदायूं: कादरचौक विकास खंड के ग्राम सकरी कासिमपुर में एक दुखद दुर्घटना के बाद ग्राम विकास अधिकारी श्रीमती गुलबहार के खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग को लेकर बदायूं के ग्राम विकास अधिकारी संघ और ग्राम पंचायत अधिकारी संघ ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस मामले में ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष रमेश चंद्र पाल और ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष रवि वर्मा सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
ज्ञापन के अनुसार, 1 सितंबर 2024 को सकरी कासिमपुर में एसएलडब्लूएम योजना के तहत निर्माणाधीन वाटर स्टेबिलाइजेशन पोंड में एकत्रित वर्षा जल में गिरने से 5 वर्षीय बालक की दुखद मृत्यु हो गई थी। संघ का कहना है कि इस घटना के लिए सचिव को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, जो कि अनुचित है।
ज्ञापन में यह बताया गया कि घटना के दिन सचिव द्वारा काम रोक दिया गया था क्योंकि निकटवर्ती ग्राम प्रधान की मृत्यु हो जाने के कारण 2 सितंबर 2024 को कोई कार्य नहीं हो रहा था। इस दौरान बच्चे के माता-पिता ने अपने तीन छोटे बच्चों को अकेला छोड़ दिया, जिसके परिणामस्वरूप यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई। संघ का कहना है कि यह घटना अभिभावकों की लापरवाही के कारण हुई है, और सचिव को दोषी ठहराना अन्यायपूर्ण है।
ग्राम विकास अधिकारी संघ ने जिलाधिकारी से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर एफआईआर को निरस्त करने की मांग की है। संघ का कहना है कि बिना विभागीय जांच और उच्चाधिकारियों की संज्ञान में लाए बिना एफआईआर दर्ज करना गलत है। सचिवों ने चेतावनी दी है कि जब तक एफआईआर को निरस्त नहीं किया जाएगा, वे कार्य नहीं करेंगे।
ज्ञापन में संघ ने सचिवों की हताशा और आंदोलन की ओर भी इशारा करते हुए प्रशासन से न्याय की अपील की है।

























