बदायूं में दवा कारोबारी के परिवार पर हमला: पुलिस की कार्यवाही सवालों के घेरे में

बदायूं – बदायूं जिले में दवा कारोबारी आलोक उपाध्याय और उनके परिवार पर हुए हमले के मुख्य आरोपी डॉ. वैभव राठौर को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पूछताछ में वैभव ने अपने 6-7 साथियों के नाम उजागर किए हैं, जो अभी तक फरार हैं। हालांकि, पुलिस उन सभी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है। इस बीच, आरोपियों के कुछ साथी अब पुलिस की पकड़ से बचने के लिए राजनैतिक आकाओं के शरण में हैं। आरोप है कि कुछ नेता पर्दे के पीछे से आरोपियों की मदद कर रहे हैं और पुलिस पर दबाव डाल रहे हैं ताकि मामले को रफा-दफा किया जा सके।
क्या था मामला
घटना की शुरुआत तब हुई जब बदायूं के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर रोडरेज के बाद एक आरोपी ने फ़िल्मी स्टाइल में अपने लोगों के साथ मिलकर दिन दहाड़े आलोक उपाध्याय की गाड़ी को घेर लिया और उसके शीशे तोड़ दिए। इसके बाद, भगवतीपुर गांव में पूरे परिवार पर हमला किया गया, जिसमें महिलाओं से बदसलूकी भी की गई। हमलावरों ने बच्चों की चीख-पुकार की भी परवाह नहीं की और बेरहमी से मारपीट की।
पुलिस की कार्यवाही और राजनीतिक दबाव
आरोप है कि पुलिस ने इस मामले को तीन दिनों तक दबाए रखा, घटना का वीडियो वायरल होने और सामाजिक संगठनों के आक्रोश के बाद पुलिस ने दबाव में आकर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तारी कि कार्रवाई की है।
वीडियो में कबूल की मारपीट की घटना
स्वदेश केसरी के पास एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें आरोपी अपने आप को बेगुनाह साबित करने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने मारपीट की घटना को भी कबूल किया है। इस वीडियो ने मामले को और भी गरम कर दिया है और प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कानून-व्यवस्था पर सवाल
बदायूं की यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि इस पर भी प्रकाश डालती है कि कैसे राजनीतिक दबाव के कारण अपराधियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। यह मामला अभी भी चर्चा में है, और लोगों को उम्मीद है कि सभी दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा और न्याय दिलाया जाएगा।

























