भाजपा में अंदरूनी कलह से उठे सवाल


बरेली। यूपी में भारतीय जनता पार्टी इन दिनों अंदरूनी कलह और विवादों से जूझ रही है। एक मामला शांत होता नहीं कि दूसरा विवाद सामने आ जाता है। हाल ही में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पार्टी कार्यकर्ताओं और जिले के नेताओं की उपेक्षा का आरोप लगाया था। अब बरेली से एक नया विवाद उभरकर सामने आया है। भाजपा महानगर उपाध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल ने पार्टी नेताओं से दुखी होकर हिंदू धर्म छोड़कर मुसलमान धर्म अपनाने की धमकी दी है।
सोशल मीडिया पर किया बड़ा ऐलान
प्रदीप अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर लिखा कि वे अगले 15 दिनों में मुसलमान धर्म अपना लेंगे। उन्होंने यह आरोप लगाया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता, विधायक, सांसद, या मंत्री उनके मामले को संज्ञान में नहीं ले रहे हैं। उनकी पोस्ट वायरल होते ही जिले के नेताओं ने उनसे मुलाकात की और उन्हें समझाने का प्रयास किया। इसके बाद प्रदीप ने अपनी पोस्ट डिलीट कर दी, लेकिन तब तक यह पोस्ट बड़े पैमाने पर वायरल हो चुकी थी।
फर्जी मुकदमे और लाइसेंस निरस्त होने का दर्द
प्रदीप अग्रवाल ने हत्या के प्रयास और एससी-एसटी के मुकदमे, और दो असलहों के लाइसेंस निरस्त होने के बाद सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता ने उनका समर्थन नहीं किया। उन्होंने लिखा, “कोई अगर साथ नहीं दे सकता है तो कम से कम खड़े होकर दो बोल तो प्यार के बोल सकता है।” उन्होंने अपने दुख और पीड़ा को व्यक्त करते हुए लिखा कि वे हिंदू धर्म छोड़कर मुसलमान धर्म अपनाने का विचार कर रहे हैं।
भाजपा हरकत में आई, प्रदीप ने पोस्ट हटाई
प्रदीप की पोस्ट वायरल होते ही भाजपा के कई बड़े पदाधिकारी सक्रिय हो गए। प्रदीप अग्रवाल के अनुसार वह एक मामले में कोर्ट से दोषमुक्त हो चुके हैं, फिर भी अफसरों ने उनके शस्त्र लाइसेंस रद कर दिए। कहा कि भाजपा शासन में भी अफसर मनमानी कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं का ही उत्पीड़न कर रहे हैं। पार्टी का पुराना सिपाही होने के बाद भी उनके साथ बुरा व्यवहार किया गया।उन्होंने पोस्ट को फेसबुक पर भाजपा के बड़े नेताओं को टैग भी किया था। उन्होंने पोस्ट में इस्लाम धर्म अपनाने की चेतावनी दी थी। यह पोस्ट दिनभर वायरल होती रही। शाम को इसका असर दिखा। उन्होंने बताया कि पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह और पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने शाम को सर्किट हाउस में अफसरों की बैठक बुलाई। उसमें उनका मुद्दा रखा। काफी देर चली बैठक के बाद जनप्रतिनिधियों ने उनसे बात की और उन्हें आश्वासन दिया कि उनके रद शस्त्र लाइसेंस बहाल किए जाएंगे। उन्होंने पोस्ट में लिखा था कि मंत्री, सांसद, विधायक, संगठन के नेताओं ने उनका हाल नहीं जाना।
शाम को मंत्री की बैठक के बाद उन्होंने बताया कि महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना, मेयर डा. उमेश गौतम, विधायक संजीव अग्रवाल, एमएलसी महाराज सिंह, जिलापंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि, प्रवक्ता बंटी ठाकुर ने फोन के जरिए उनसे बात की। इसके बाद उन्होंने रात में फेसबुक से अपनी पोस्ट हटा ली।
पार्टी का भरोसा, प्रदीप का आश्वासन
अब भाजपा के तमाम पदाधिकारियों ने प्रदीप अग्रवाल को पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया है। प्रदीप ने कहा कि उन्होंने रोष में आकर सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली थी, लेकिन अब उन्हें पार्टी का समर्थन मिला है। इससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि प्रदीप धर्म परिवर्तन की धमकी को वापस लेंगे और पार्टी के साथ जुड़े रहेंगे।

























