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यूपी: योगी सरकार में मंत्री दिनेश खटीक का इस्तीफा, ‘नाराज’ जितिन आज अमित शाह से मिलेंगे! बृजेश पाठक के सवाल,क्या योगी सरकार में बगावत के आसार ?

  • मंत्री खटीक को क्या है दिक्कत ?
  • खटीक ने दिल्ली तक पहुंचाया था संदेश
  • मंत्री जितिन प्रसाद भी नाराज
  • ब्रजेश पाठक ने उठाए थे सवाल
  • ट्रांसफर विवाद पर सीएम योगी का एक्शन

लखनऊ से एक बड़ी खबर सामने आ रही है.जानकारी के मुताबिक योगी सरकार में मंत्री दिनेश खटीक के इस्तीफा दे दिया है.मंगलवार को यूपी कैबिनेट की बैठक में भी वो शामिल नहीं हुए.कहा जा रहा है कि वे अपनी उपेक्षा से नाराज चल रहे थे. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विभाग में कार्यों के बंटवारे और उनकी जानकारी के बिना ट्रांसफर-पोस्टिंग से वे नाराज चल रहे थे. उन्होंने इसके लिए सीएम योगी को चिट्ठी लिखकर शिकायत भी की थी.बता दें कि योगी सरकार के पहले कार्यकाल में भी राज्य मंत्री थे. इस बार उन्हें कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के साथ जलशक्ति विभाग की जिम्मेदारी मिली थी. दावा है कि मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय, दिनेश खटीक से संपर्क करने की कोशिश में था, हालांकि उस वक्त उनका फोन नंबर ऑफ बता रहा था.  दिनेश खटीक, राज्य के हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने के साथ ही सूबे में ट्रांसफर के ‘खेल’ ने खलबली मचा दी है. योगी सरकार के तीन मंत्री इन दिनों चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं. पहले डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के स्वास्थ्य मंत्रालय में विभाग में हुए तबादलों पर सवाल खड़े हुए तो अब मंत्री जितिन प्रसाद के पीडब्लूडी विभाग में हुए ट्रांसफर पर सीएम योगी ने जांच बैठा दी है. वहीं, जलशक्ति मंत्रालय में भी तबादलों को लेकर खींचतान की बात भी सामने आ रही है. ऐसे में जलशक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटीक भी सुर्खियों में हैं. 

मंत्री खटीक को क्या थी दिक्कत?

राज्यमंत्री खटीक का आरोप है कि बतौर राज्यमंत्री विभाग में उन्हें कोई काम नहीं दिया गया है.मंत्री खटीक जब भी विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव को कोई आदेश देते थे, तो वे जवाब देते थे कि आप पहले मंत्रीजी यानी स्वतंत्रदेव सिंह से बात कर लें. दिनेश खटीक की नाराजगी उस वक्त सामने आई जब सीएम योगी की अध्यक्षता में काबीना की बैठक होनी थी. इस बैठक में दिनेश खटीक नहीं आए थे.

खटीक ने दिल्ली तक पहुंचाया था संदेश

जानकारी के मुताबिक राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने सोमवार को बीजेपी के प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल से मुलाकात की थी. खटीक ने बंसल के सामने भी अपनी पीड़ा का इजहार किया था. दिल्ली से भी जब कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला, तो उन्होंने अपना इस्तीफा भेज दिया.राज्यमंत्री खटीक का आरोप है कि बतौर राज्यमंत्री विभाग में उन्हें कोई काम नहीं दिया गया है. उनके करीबी ने बताया कि बीते दिनों उन्होंने विभाग के कुछ इंजीनियरों के तबादले की सिफारिश की थी, लेकिन एक का भी तबादला नहीं हुआ. मंत्री खटीक जब भी विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव को कोई आदेश देते थे, तो वे जवाब देते थे कि आप पहले मंत्रीजी यानी स्वतंत्रदेव सिंह से बात कर लें. दिनेश खटीक की नाराजगी उस वक्त सामने आई जब सीएम योगी की अध्यक्षता में काबीना की बैठक होनी थी. इस बैठक में दिनेश खटीक नहीं आए थे.

इसके अलावा बीते महीने मेरठ में दलित युवकों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हुई थी. पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज न होने पर वह नाराज थे. बाद में इस मामले में राज्य मंत्री दिनेश खटीक के समर्थकों पर मुकदमा दर्ज करने के साथ ही पुलिसकर्मियों पर भी केस दर्ज किया गया था. अपने समर्थकों पर केस दर्ज होने से वह नाराज बताए जा रहे हैं..हालांकि उनके जनसंपर्क अधिकारी ने इस्तीफे की पुष्टि नहीं की. राजभवन ने भी इस्तीफा न मिलने की बात कही है.लेकिन चर्चा हो रही है कि खटीक सरकारी गाड़ी व सुरक्षा छोड़कर चले गए हैं.

मंत्री जितिन प्रसाद भी नाराज हैं

योगी सरकार में लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद भी नाराज बताए जा रहे हैं. पीडब्ल्यूडी में तबादलों में गड़बड़ियों पर कार्रवाई के तौर-तरीके पर जितिन प्रसाद काफी नाराज हो गए हैं.कल योगी कैबिनेट की बैठक में पहुंचे जितिन प्रसाद मीडिया के सामने नहीं आए थे. इसी बात को लेकर उन्होंने मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी वे इसी मुद्दे पर आज (बुधवार को) दिल्ली पहुंच रहे हैं. दिल्ली में वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर अपनी बात रखेंगे. विभाग में तबादलों में अनियमितता को लेकर हाल ही में मंत्री जितिन प्रसाद के ओएसडी अनिल कुमार पांडे को हटाया है.

ब्रजेश पाठक ने उठाए थे सवाल

योगी सरकार में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के स्वास्थ्य मंत्रालय में भी ट्रांसफर का खेल सामने आया था. स्वास्थ्य विभाग में हुए तबादलों पर काफी आपत्तियां आईं थीं. डॉक्टर्स ने आरोप लगाए थे कि तबादला नीति को दरकिनार करके ट्रांसफर किए गए. एक जिले में तैनात पति-पत्नी का ट्रांसफर अलग-अलग जिलों में कर दिया गया. स्वास्थ्य विभाग में हुए ट्रांसफर पर खुद मंत्री ब्रजेश पाठक ने सवाल उठाए थे. उन्होंने इस मामले में विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद से जवाब भी तलब किया था. इसके बाद सीएम योगी ने तबादलों पर जांच बैठा दी है.डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक साल 2017 के चुनाव से पहले बसपा छोड़कर बीजेपी में आए थे और उन्हें योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में दिनेश शर्मा की जगह डिप्टी सीएम बनाया गया था. उन्हें स्वास्थ्य मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया था. ब्रजेश पाठक कभी अचानक अस्पताल के दौरे से चर्चा में रहे तो अब उनके विभाग के ट्रांसफर और पोस्टिंग के खेल से…

ट्रांसफर विवाद पर सीएम योगी का एक्शन

ट्रांसफर विवाद पर सीएम योगी ने कड़ा रुख अपनाते हुए जांच कमेटी गठित की थी. भविष्य में ट्रांसफर को लेकर कोई विवाद न पैदा हो इसको लेकर अब एक नई व्यवस्था भी बनाई जा रही है. इस विवाद में सीएम योगी ने मंत्रियों से कहा था कि हम एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में रहते हैं. मंडलीय भ्रमण के दौरान हमें विपक्षी दलों के जनप्रतिनिधियों से संवाद कर सुझाव लेना चाहिए.

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