- सपा प्रत्याशी की घोषणा भी हो सकती है शाम तक, अभी की दौड़ में सुनीता शाक्य, ऐश्वर्या यादव।शाम तक चोंकाने वाले नाम पर भी चल रहा मंथन,
- भाजपा में पूनम यादव,रेखा शाक्य,बर्षा यादव,सीमा गुर्जर,यावित्री मौर्य, सहित 5 महिला सदस्यों ने किया था दावा,
- सूत्रों का दावा.बदायूँ पैनल ने शीर्ष नेतृत्व को तीन नामों को बरियता के साथ भेजी थी लिस्ट ,जिसमें पहले नम्बर पर था बर्षा यादव का नाम
बदायूँ से जिलापंचायत अध्यक्ष पद के लिये भाजपा ने आज अपना प्रत्याशी बर्षा यादव को घोषित कर दिया,बर्षा यादव बदायूँ से पूर्व एम एल सी व भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जितेंद्र यादव की पत्नी है।जिले में कुल 51 जिला पंचायत सदस्यों के पद हैं। इनमें भाजपा के पास 16, सपा के 12, बसपा के छह, कांग्रेस का एक और 16 निर्दलीय हैं। अध्यक्ष पद के लिए कम से कम 26 सदस्यों का समर्थन जरूरी है। किसी भी पार्टी के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है। इसके चलते 16 निर्दलियों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
बर्षा यादव को प्रत्याशी बनाये जाने की घोषणा होते ही जितेंद्र यादव के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई, समर्थकों ने जहां बिल्सी कैम्प कार्यालय पर मिठाई बांट कर व आतिशबाजी छोड़ खुशी का इज़हार किया बहीं,बदायूँ में भी समर्थकों द्वारा मिठाई बांट कर खुशियां मनाने का दौर जारी है।बिल्सी में गगन राठी नगर अध्यक्ष शेखर शेखर सक्सेना भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष शेखर सक्सेना, आशीष सक्सेना सूर्य प्रकाश देवल , गौरव गुप्ता अंशुल शर्मा
दीपक माहेश्वरी”दीपक बाबा”,पीयूष राठी,सहित सैकड़ों समर्थकों ने खुशी का इजहार किया है,बदायूँ के सूरज वैश्य ने भी मिठाई बांट कर बर्षा यादव के जिलापंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी बनाये जाने पर भाजपा शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है।
बदायूँ से जिलापंचायत अध्यक्ष के प्रत्याशी का चयन आने वाले विधानसभा चुनाब में जातिगत समीकरणों को दृष्टिगत रखते हुए किया गया है।शाक्य विरादरी में सांसद संघमित्रा मौर्य व शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य के चलते,सीमा शाक्य पर बिचार नहीं किया गया। भाजपा में विधानसभा चुनावों को लेकर अगर जाति समीकरणों को लेकर बात करें तो जातिगत समीकरणों के अनुसार हर बड़े वोट बैंक का नेता किसी न किसी प्रमुख पद है, जैसे राजीव कुमार सिंह विधायक दातागंज ठाकुर समाज, आर के शर्मा विधायक बिल्सी ब्राह्मण समाज,कुशाग्र सागर विधायक बिसौली,जाटव समाज बहीं बदायूँ शहर से महेश चंद्र गुप्ता,विधायक(मंत्री),अशोक भारती जिलाध्यक्ष व दीपमाला गोयल नगर पालिका अध्यक्ष भी बैश्य समाज का नेतृत्व करते हैं,बैश्य, ब्राह्मण,ठाकुर,मौर्य,जाटव वोट बैंक के अलावा सबसे बड़ा वोट बैंक यादवों का ही है जिसे भाजपा ने जिलापंचायत अध्यक्ष का टिकट देकर साधने के काम किया है। नम्बर दो की प्रत्याशी मानी जा रहीं सीमा शाक्य के पति हरीश शाक्य को कुछ दिन पूर्व ही भाजपा पिछड़ावर्ग मोर्चा ब्रज क्षेत्र का अध्यक्ष बना कर संकेत दे दिया था कि सीमा शाक्य जिला पंचायत अध्यक्ष की प्रत्याशी नहीं बनेंगी,इसका कारण एक व्यक्ति एक पद के चलते शेखुपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य की बहिन अनीता मौर्य को इसी के चलते जिला पंचायत सदस्य का प्रत्याशी नहीं बनाया था।
बैसे बदायूँ विगत कई बर्षों से समाजवादी पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता है।जिसका प्रमुख वोट बैंक यादव, मुस्लिम, ही रहा बाकी सभी जातियों का थोड़ा थोड़ा समर्थन इसको मजबूत बनाने में समर्थक रहा है।सपा के इसी मजबूत यादव वोट बैंक में सेंध लगाने के लिये इस बार भाजपा ने जिलापंचायत अध्यक्ष पद के लिये यह दांव खेला है अब यह तो आने वाला समय ही बताएगा कि विधानसभा चुनाव में इसका कितना फायदा भाजपा को मिलेगा लेकिन यह निश्चित है बर्षा यादव के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रत्याशी के लिये यह दांव सबसे मजबूत दांव साबित होगा।































