ख़ास बातें
एकेडमिक काउंसिल ने अंततः एनईपी पर लगाई अपनी मुहर
एनईपी को तीन फेज़ में क्रियान्वित करने का प्रावधान
टीएमयू में नई शिक्षा नीति के फेज़-वन का अक्षरशः पालन
सीबीसीएस और आउटकम बेस्ड एजुकेशन विवि में लागू
फेज़-टू और थ्री लागू करने को रेगुलेटरी बॉडीज की गाइडलाइन्स का इंतजार
एफएम कम्युनिटी रेडियो का भी होगा टीएमयू में श्रीगणेश
एनईपी को लेकर टीएमयू बेहद संजीदा: वीसी प्रो. रघुवीर सिंह
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना नई शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 को हरी झंडी दे दी है। यूनिवर्सिटी की एकेडमिक काउंसिल ने एनईपी की गाइडलाइन्स पर अंततः अपनी मुहर लगा दी है। एनईपी को तीन फेज़ में क्रियान्वित किया जाना है। फेज़-वन को यूनिवर्सिटी बेहद ईमानदारी से लागू कर चुकी है। फेज़-टू और फेज़-थ्री को भी लागू करने के लिए सम्पूर्ण रूप से तैयार हैं। जैसे ही रेगुलेटरी बॉडीज की गाइडलाइन्स विभिन्न बिंदुओं पर प्रकाशित हो जाएंगी, टीएमयू उन सभी को तुरंत लागू कर देगा। यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. रघुवीर सिंह कहते हैं, केंद्र सरकार की मानिंद यूनिवर्सिटी की भी मंशा उच्च शिक्षा का आमूलचूल चेहरा बदलना है। शिक्षा मंत्रालय, यूजीसी और यूपी सरकार के दिशा-निर्देश को लेकर हमेशा तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी संजीदा रही है। प्रो. सिंह का मानना है, विशेषकर कोविड-19 काल में यूनिवर्सिटी कदम से कदम मिलाकर चली है। नतीजन 2019-20 में लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन कोर्स से लेकर परीक्षाएं कराने और तय समय पर नतीजे घोषित करने सरीखे काम करके रिकॉर्ड अपने नाम किया है। 2020-21 में एडमिशंस से लेकर ऑड सेमेस्टर और अब ईवन सेमेस्टर के दौरान यूजीसी की गाइडलाइन्स का समय-समय पर कड़ाई से पालन किया जा रहा है।
एकेडमिक काउंसिल की बैठक में प्रो. सिंह ने बताया, फेज़-वन के समग्र शिक्षा के तीनों महत्वपूर्ण बिंदुओं- संज्ञानात्मक (कॉग्नेटिव), भावात्मक (अफेक्टिव) और मनोप्रेरक (साइकोमोटर) को यूनिवर्सिटी बेहद ईमानदारी से लागू कर चुकी है। यूनिवर्सिटी इन स्टेप्स के क्रियान्वयन को 2019 में सेंटर फॉर टीचिंग लर्निंग एंड डवलपमेंट-सीटीएलडी का डिपार्टमेंट खोल चुकी है। सीटीएलडी की टीम स्टुडेंट्स और फैकल्टी के बीच में एक सेतु के मानिंद काम कर रही है। ब्लूम्स टेक्सोनोमी के सिद्धांतों- ओबीई, लर्निंग आउटकम्स और इनके क्रियान्वयन पर दो बरस से यूनिवर्सिटी काम कर रही है। इसके अलावा सीबीसीएस, ब्रिज कोर्सेज, वर्चुअल लैब्स, फील्ड प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप, इंडस्ट्रियल टूर, इंडस्ट्री गेस्ट लेक्चर्स, कम्युनिटी प्रोजेक्ट्स, रेमेडियल क्लासेज, करियर काउंसलिंग, प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी, एक्स्ट्रा करिकुलर और एक्स्ट्रा मुरल एक्टिविटीज, एक्टिविटी क्लब्स आदि के जरिए छात्र-छात्राओं को न केवल मेधावी स्टुडेंट्स के तौर पर तैयार किया जा रहा है, ताकि जॉब्स से लेकर स्टार्टअप तक वे अपने आपको आत्मविश्वास से लबरेज पाएंगे। एकेडमिक काउंसिल की मीटिंग में एक्सटर्नल एक्सपर्ट के तौर पर एम्स, दिल्ली के रिटायर्ड प्रो. एसके शर्मा और बीएचयू के प्रो. ए आर त्रिपाठी की गरिमामयी मौजूदगी रही। इनके अलावा टीएमयू के रजिस्ट्रार डॉ. आदित्य शर्मा, एसोसिएट डीन डॉ. मंजुला जैन के संग-संग सभी कॉलेजों से डायरेक्टर्स और प्रिंसिपल्स ने भी ऑनलाइन शिरकत की।
एकेडमिक काउंसिल की मीटिंग में एनईपी पर गहनता से मंथन करते हुए सर्वसम्मति से फैसला लिया गया, फेज़-टू और फेज़-थ्री को भी लागू करने के लिए यूनिवर्सिटी सम्पूर्ण रूप से तैयार है। जैसे ही रेगुलेटरी बॉडीज की गाइडलाइन्स विभिन्न बिंदुओं पर प्रकाशित हो जाएंगी, टीएमयू उन सभी को तुरंत लागू कर देगा। वीसी प्रो. सिंह ने बताया, फेज़-टू में लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम, इंडस्ट्री 4.0 के मद्देनजर उत्कृष्ट शिक्षा की व्यवस्था, वैल्यू बेस्ड एजुकेशन, पर्यावरण प्रोजेक्ट, लर्निंग एनवायरनमेंट में इजाफा, उदार पाठ्यक्रम ढांचा, बहु विषयी पाठ्यक्रम, क्रेडिट बेस्ड कम्युनिटी प्रोजेक्ट्स जबकि फेज़-थ्री में ग्रास रुट इन्नोवेशन की स्थापना, वोकेशनल एजुकेशन, एकडेमिक क्रेटिड बैंक, मल्टीप्ल एंट्री-एग्जिट प्रोग्राम, एफएम कम्युनिटी रेडियो आदि यूनिवर्सिटी में क्रियान्वित करेंगे।


























