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कष्टों से दूर रहने हेतु सुख और दु:ख दोनों में भगवान का चिंतन आवश्यक राजीव कृष्ण भारद्वाज

आदर्श नगर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस आज प्रातः बेला में महालक्ष्मी यज्ञ आचार्य श्री सुरेंद्र कुमार भारद्वाज (नरवर वालो) के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ जिसमें मुख्य यजमान के रूप में राजेश शर्मा एवं उनकी पत्नी पार्षद मीना शर्मा रहे।


वृंदावन धाम से पधारे कथा प्रवक्ता आचार्य कथा व्यास राजीव कृष्ण भारद्वाज जी के मुखारविंद से भक्तजनों को कथा सुनाई गयी। व्यास जी ने कहा कि यदि व्यक्ति सुख व दुःख दोनो में ही ईश्वर का चिंतन करें तो कष्टो से दूर रहता है। समुद्र मंथन के प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि देवता एवं राक्षसों का लक्ष्य एवं प्रयत्न एक समान था। परन्तु देवताओं को अमृत उनके देवताओ के प्रति विश्वास से ही मिला। वामन प्रसंग के माध्यम से बताया कि सभी प्राणियों को लक्ष्य प्राप्ति हेतु गुरु की वाणी पर विश्वास करना चाहिए। रामकथा का संक्षिप्त वर्णन करते हुए कहा कि प्रभु श्री राम ने अवतार लेकर भक्तों की रक्षा की व राक्षसों का उद्धार करने के साथ ही गुरु एवं माता-पिता के वचनों को सहर्ष स्वीकार करने की बात कही। वासुदेव देवकी के यहां प्रभु श्री कृष्ण का अवतार का जिक्र करते हुए कहा कि मनुष्य जब ईश्वर का सहारा लेता है तो सभी बंधन खुल जाते हैं और जब माया का आश्रय लेता है तो बंधन में बंध जाता है।
कथा का समापन “नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” आदि भजनों पर भक्तों ने खूब नृत्य किया और कृष्ण जन्म की मनमोहक झांकियां प्रस्तुत की गयी।
गोपाल शर्मा ने समस्त धर्मप्रेमियों से 20 फरवरी तक प्रतिदिन 6:00 से रात्रि 10:00 बजे तक भागवत कथा सुनकर धर्मलाभ उठाने का आह्वान किया।
इस मौके पर यज्ञ आचार्य सुरेंद्र कुमार भारद्वाज (नरवर वाले), ब्रह्मदत्त वशिष्ठ, शशांक गुप्ता, सुमित गुप्ता, उत्कर्ष गुप्ता, आयुष भारद्वाज, देव, अमोल शर्मा, कमलेश गुप्ता, दिनेश गुप्ता, राजेश शर्मा समेत तमाम धर्म प्रेमी मौजूद रहे।

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