बरेली बदायूं मार्ग स्थित दुर्गा मंदिर प्रांगण में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिन श्री त्रिलोक कृष्ण मुरारी जी के मुखारविंद से श्रीमद् भागवत कथा मे बाल कृष्ण भगवान की लीलाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी,कथा सुनकर भक्त भावविभोर होकर झूम उठे।

कथावाचक आचार्य पंडित त्रिलोक कृष्ण मुरारी ने कहा की छोटे से लाला ने बड़ी राक्षसी पूतना का वध कर दिया और भगवान भोले शंकर मदारी बनकर ब्रज गलियों में भगवान के दर्शन करने के लिए पहुंच गए । भगवान थोड़े से बड़े हुए तो ब्रज गलियों में ग्वालो के साथ माखन की चोरी करने लगे , और भगवान ब्रज में अनेकों अनेक लीलाएं की एक बार तो ब्रह्मा जी भी भगवान की लीला देखकर आश्चर्य में पड़ गए कि यह भगवान कैसे हो सकता है जो ग्वाले का झूठा खा रहा है और ब्रह्मा जी ब्रह्मलोक से आकर ब्रजभूमि में भगवान के ग्वाल वालों बछड़े सभी चुरा लिए फिर भगवान ने जितने भी बछड़े में जितनी भी बाल थे और तो और यहां तक भगवान उनके लाटी कपड़े स्वयं बन गए यह देख कर बह्माजी भगवान के चरणों में गिर पड़े। और एक बार सभी ब्रज वासियों ने इंद्र को छोड़कर गोवर्धन की पूजा की तो इंद्र क्रोधित हो गए और भयानक बरसात करने लगे परंतु भगवान ने अपनी एक कनिष्ठा का अंगुली पर गोवर्धन पर्वत को उठा लिया और सात दिन तक भगवान अपनी एक अंगुली पर ही धारण किए रहे और इंद्र का घमंड दूर किया।
इस अवसर पर ब्रज क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री युवा मोर्चा पारस गुप्ता ,मंदिर प्रबंध समिति अध्यक्ष राजाराम कश्यप, सचिव पुनीत कुमार कश्यप,पूर्व सभासद नन्हें लाल कश्यप, वसन्त पटवा, योगेंद्र सागर, जुगेंद्र पांडे, उपेंद्र कश्यप, शिवम मिश्रा, आनंद कश्यप,शानू कश्यप, कमल कश्यप, समेत काफी संख्या में भक्तगण व श्रोता मौजूद रहे ।


























