- जनपद मुख्यालय से 18 किमी की दूरी पर बर्षों से चल रही थी विभागीय सांठ गांठ से काला बाजारी,
- प्रदेश सरकार करा ले गम्भीरता से जांच तो नपेंगे जिले के कई बड़े अफसर और नेता।
जनपद बदायूँ के अलापुर कस्बे में राशन की कुल 5 दुकानें आबंटित हैं जिसमें एक दुकान समाजवादी पार्टी के जिलास्तरीय पदाधिकारी के भाई के नाम पर आवंटित है पर कहा जाता है कि उक्त दुकान वास्तव में उक्त नेता की ही है लेकिन कागजों में भाई के नाम से आबंटित है।दुकान आबंटी रागिब दिल्ली में रहकर अपना कोई व्यापार करता है लेकिन उसके नाम से आबंटित दुकान को उक्त नेता ही चलाता है।बताया जा रहा है कि बुधवार को उक्त दुकान से चावल के कट्टे ट्रक में भरे जा रहे थे तभी एसडीएम के निर्देश पर अलापुर थाना प्रभारी ने पुलिस बल के साथ छापा मारकर चावल से लदे ट्रक को पुलिस कस्टडी में लेकर उसकी सूचना पूर्ति विभाग को दे दी ,जिसके बाद डीएसओ रामेंद्र प्रताप सिंह भी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए, वे कागजों से स्टॉक का मिलान कर अग्रिम कार्यवाही करेंगे।इधर पुलिस ने मौके पर मिले सपा के जिला सचिव फहीम को हिरासत में लिया है जिनसे पूछताछ की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर उत्तर प्रदेश सरकार इस दुकानदार की जांच गम्भीरता से करा ले तो इसमें जिले के कई बड़े अधिकारी भी नप सकते हैं ।साथ ही कुछ लोग सत्ताधारी नेताओं का वरदहस्त इस नेता पर होने के चलते सही जांच पर संदेह जता रहे हैं।
स्वदेश केसरी ने उक्त नेता की कुंडली खंगालने पर जाना कि उक्त नेता के पिछली सभी सरकारों में विधायकों से गहरी नजदीकियां रही हैं और उसी के चलते वो राशन की कालाबाजारी करने लगा।राजनीतिक सम्बन्धों के चलते उसने कस्बे की बाकी सभी दुकानों को विभागीय अधिकारियों से मिलकर निलंबित कराकर अपने यहां अटैच करा रखा है जिसके राशन की कालाबाजारी से वो लाखों रु महीने कमा रहा है।जानकारों का यहां तक कहना है कि पिछले तीन चार सालों में उसने कई करोड़ रु इस काला बाजारी से कमाये हैं।अलापुर की घटना से पता चलता है कि एक ओर केंद्र व प्रदेश की सरकारें सभी विभागों से माफिया राज को नेस्तनाबूद करने पर तुली हैं पर बहीं बदायूँ का प्रशासन व नेताओं का गठजोड़ माफियों को पालने पोषने का कार्य कर रहा है।स्वदेश केसरी शीघ्र ही अपने पाठकों को इस भ्र्ष्टाचार की जड़ों के बारे में परत दर परत जानकारी जुटाकर बड़ा खुलासा करेगी।कियूं की स्वदेश केसरी का अपने पाठकों से वायदा है खबर सच की तह तक!





























