बिल्सी (बदायूं)। जनपद बदायूं के सहसवान तहसील के मूल निवासी वरिष्ठ पत्रकार फणींद्र नाथ गुप्ता के उनके निज निवास रुद्रपुर (उत्तराखंड) मे निधन पर बिल्सी में द जर्नलिस्ट एसोसिएशन के तत्वावधान में एक शोकसभा का आयोजन किया गया। तहसील रोड स्थित नारायण ग्रीन हाउस में आयोजित शोकसभा में पत्रकारिता, समाज और राजनीति से जुड़े लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
वरिष्ठ पत्रकार फणींद्र नाथ गुप्ता का गुरुवार सुबह रुद्रपुर (उत्तराखंड) स्थित उनके आवास पर लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। वह लगभग 65 वर्ष के थे। उन्होंने लंबे समय तक अमर उजाला, बदायूं में जिला ब्यूरो चीफ के रूप में सेवाएं दीं और पत्रकारिता जगत में अपनी अलग व सशक्त पहचान बनाई। उनके निधन से न केवल पत्रकारिता बल्कि सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई।
शोकसभा को संबोधित करते हुए द जर्नलिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ललित मोहन वार्ष्णेय ने कहा-“फणींद्र नाथ गुप्ता जैसे निर्भीक, सच्चे और मूल्यों से जुड़े पत्रकार का जाना पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।उन्होंने संस्थानों से ऊपर उठकर अपनी व्यक्तिगत साख बनाई और सहसवान व बदायूं का नाम अपनी लेखनी से पूरे देश मे गौरवान्वित किया। उनकी लेखनी, निष्पक्षता और सामाजिक सरोकार हमेशा स्मरणीय रहेंगे।”
प्रदीप कुमार शर्मा (एडिटर इन चीफ़, स्वदेश केसरी न्यूज़)
स्वदेश केसरी के एडिटर इन चीफ प्रदीप कुमार शर्मा ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा-“फणींद्र नाथ गुप्ता केवल एक वरिष्ठ पत्रकार ही नहीं, बल्कि कई पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक थे।
बदायूं जनपद में उन्होंने पत्रकारिता को गरिमा, साहस और जिम्मेदारी के साथ जिया। समाज और राजनीति के हर वर्ग में उनकी स्वीकार्यता उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी पहचान थी। उनका जाना एक ऐसा शून्य है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।”
डॉ श्री कृष्ण गुप्ता ने कहा-“फणींद्र नाथ गुप्ता ने पत्रकारिता को सेवा का माध्यम माना।उनका जीवन सच्चाई, संघर्ष और समाज के प्रति समर्पण का उदाहरण रहा है।”
- जयप्रकाश ओझा (पत्रकार):
श्री गुप्ता का व्यक्तित्व सरल, स्पष्ट और निडर था, जो हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। - विभोर पाराशर (पत्रकार):
उनकी लेखनी में अनुभव और संवेदना का अद्भुत संतुलन था। - विकास माहेश्वरी (पत्रकार):
उन्होंने युवा पत्रकारों को सिखाया कि खबर से पहले सत्य जरूरी है। - एडवोकेट विवेक राठी (वरिष्ठ भाजपा नेता):
फणींद्र नाथ गुप्ता समाज और राजनीति दोनों में सम्मानित नाम थे, उनकी कमी हमेशा खलेगी।
शोकसभा में ओजित शर्मा, अंश गुप्ता, रजत गुप्ता, हैदर अंसारी, राहुल पाठक, अवधेश पाराशर, डॉ. विनीत वार्ष्णेय सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, बुद्धिजीवी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे। अंत में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गईं।


























