- दो बच्चों की मासूमियत ने जीत लिया दिल, पूरे जिले में हो रही तारीफ
चंदौसी (संभल)।“डीएम सर… प्लीज हमारी छत से तार हटवा दीजिए”—


यह शब्द किसी बड़े अधिकारी के कार्यालय में नहीं, बल्कि दो मासूम बच्चों के मोबाइल कैमरे से निकले थे। बच्चों की यह भावुक अपील जब जिलाधिकारी राजेंद्र पैंसिया तक पहुंची, तो प्रशासन ने संवेदनशीलता और तत्परता की मिसाल पेश करते हुए 24 घंटे के भीतर बिजली की लाइन हटवा दी। इस मानवीय पहल की पूरे संभल जिले में चर्चा हो रही है।
मामला चंदौसी थाना क्षेत्र की गणेश कॉलोनी का है। यहां किसान राम बाबू राणा का मकान सरकारी ट्यूबवेल के पास स्थित है। उनके तीन बच्चे हैं—12 वर्षीय विदुषी, 8 वर्षीय महिमा और बेटा शिवा। विदुषी ने अपनी छोटी बहन महिमा के साथ मिलकर एक वीडियो बनाया, जिसमें दोनों बच्चियां हाथ जोड़कर डीएम से गुहार लगाती नजर आईं।

वीडियो में बच्चियों ने कहा—
“डीएम सर, हमारी छत के ऊपर से बिजली के तार गुजर रहे हैं। ये लाइन 15 साल से बंद पड़ी है। हम ऊपर घर नहीं बना पा रहे हैं। प्लीज सर, इन्हें हटवा दीजिए।”
बच्चियों की यह मासूम अपील सोशल मीडिया के माध्यम से डीएम तक पहुंची। वीडियो देखते ही जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और बिजली विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। आदेश मिलते ही बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लाइन हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
मां बोली—हर पल डर बना रहता था

बच्चियों की मां पुष्पा राणा ने बताया कि घर की दीवार के बीच से तीन तार गुजर रहे थे।
“कई बार हम लोग इनमें उलझकर गिर चुके हैं। डर रहता था कि अगर किसी दिन इनमें करंट आ गया तो बड़ा हादसा हो सकता है। बच्चों को लेकर हर वक्त चिंता बनी रहती थी। कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूरी में बच्चियों ने वीडियो बनाया।”
डीएम के आदेश के बाद बिजली कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर लाइन हटाई, जिससे परिवार ने राहत की सांस ली।
बिजली विभाग का बयान
चंदौसी के एक्सईएन दीपला श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चियों का वीडियो सामने आने के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर लाइन हटा दी गई है। कॉलोनी में जहां-जहां ऐसे तार अन्य मकानों के ऊपर से गुजर रहे हैं, उन्हें भी चिह्नित कर हटाया जाएगा।
मासूमियत और इंसानियत की जीत,
इस घटना के बाद लोग बच्चियों की मासूमियत और जिलाधिकारी की संवेदनशीलता की खुले दिल से तारीफ कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर यह मामला मानवीय प्रशासन का उदाहरण बन गया है—जहां एक छोटी सी अपील ने बड़े खतरे को टाल दिया।


























