रिश्वतखोर बाबू की गुंडागर्दी से नगरवासी त्रस्त?


कलान (शाहजहांपुर)। नगर पंचायत कलान में तैनात बाबू गौरव शर्मा पर गंभीर आरोप लगे हैं। उक्त आरोप पीड़ित डिंपल गुप्ता ने लगाए हैं डिम्पल ने बताया कि वह गृहकर न लागू होने का प्रमाणपत्र लेने नगर पंचायत कार्यालय गया था। लेकिन बाबू ने उसे नगर पंचायत कार्यालय से बाहर बुलाया और कागज़ देने के एवज में दस हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर डाली।
डिंपल गुप्ता ने जब रिश्वत देने से इनकार किया, तो बाबू आगबबूला हो गया। उसने न सिर्फ गाली-गलौच की बल्कि पीड़ित को फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दे डाली। वहां मौजूद लोगों के बीच-बचाव करने पर मामला फिलहाल शांत हुआ, लेकिन बाबू मौके से फरार हो गया।
नगरवासियों का आरोप – “बिना रिश्वत काम नहीं करता बाबू”
स्थानीय लोगों का कहना है कि गौरव शर्मा की छवि पहले से ही नगर में “भ्रष्ट बाबू” के रूप में है। लोग आरोप लगाते हैं कि वह हर छोटे-बड़े काम के लिए रिश्वत की मांग करता है। नगर पंचायत में यदि कोई काम कराना हो, तो बिना पैसे दिए वह फाइल आगे नहीं बढ़ाता।
लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर योगी सरकार में भी इस तरह के भ्रष्ट बाबू खुलेआम गुंडागर्दी कैसे कर रहे हैं? क्या यही “भ्रष्टाचार मुक्त शासन” का दावा है?
एंटी करप्शन की जद में आने की आशंका
पीड़ित व नगरवासियों ने स्पष्ट कहा है कि “ वो दिन दूर नहीं जब यह बाबू भी एंटी करप्शन टीम के शिकंजे में होगा।” ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों पर यदि समय रहते कार्रवाई न हुई तो नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर लोगों का भरोसा उठ जाएगा।
नगरवासियों की यह भी मांग है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर बाबू गौरव शर्मा को तत्काल निलंबित किया जाए और पीड़ित को न्याय दिलाया जाए।
अब देखना यह होगा कि शाहजहांपुर प्रशासन और प्रदेश सरकार इस बाबू के खिलाफ क्या कदम उठाती है। क्या एंटी करप्शन विभाग इसकी काली कमाई और गुंडागर्दी का हिसाब लेगा?














